मरम्मत में 9.90 लाख खर्च, फिर भी पंचकर्म सेंटर को सारंगढ़ से भेडवन ले जाने की तैयारी!

जिला मुख्यालय के नागरिकों को आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ मिलने पर उठे सवाल, लाखों के खर्च के बाद स्थानांतरण की चर्चा
सारंगढ़। जिला मुख्यालय सारंगढ़ में नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचकर्म सेंटर की स्थापना के लिए लगभग 32 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। इसके लिए जनपद पंचायत के सामने स्थित विकास भवन को चिन्हित कर उसकी मरम्मत पर भी करीब 9 लाख 90 हजार रुपये खर्च किए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन अब सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, पंचकर्म सेंटर को सारंगढ़ जिला मुख्यालय में संचालित करने के बजाय लगभग 25 किलोमीटर दूर ग्राम भेडवन स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। यदि ऐसा होता है तो लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद जिला मुख्यालय के नागरिकों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए दूर जाना पड़ेगा।
32 लाख की योजना, 9.90 लाख भवन मरम्मत पर खर्च
जिला प्रशासन की मंशा थी कि सारंगढ़ जिला मुख्यालय में ही पंचकर्म चिकित्सा केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उपचार की सुविधा मिल सके। इसी उद्देश्य से पंचकर्म सेंटर के लिए विकास भवन का चयन किया गया तथा भवन की मरम्मत पर लगभग 9 लाख 90 हजार रुपये खर्च किए जाने की जानकारी है। वहीं, पंचकर्म चिकित्सा में उपयोग होने वाले उपकरणों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी लाखों रुपये खर्च किए जाने की बात सामने आ रही है।
इसके बावजूद अब पंचकर्म चिकित्सा के उपकरणों और सेटअप को विकास भवन से भेडवन स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल ले जाने की चर्चा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब पंचकर्म सेंटर के लिए जिला मुख्यालय में भवन का चयन कर उसकी मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, तो अब इसे ग्रामीण क्षेत्र में स्थानांतरित करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? क्या इस संबंध में पहले किए गए निर्णय और सरकारी खर्च की समीक्षा की गई है?
75 हजार लोगों की सुविधा पर पड़ सकता है असर
सारंगढ़ जिला मुख्यालय में लगभग 25 हजार नागरिक निवास करते हैं। इसके अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी आबादी रहती है। अनुमान के अनुसार, करीब 50 हजार ग्रामीणों को भी जिला मुख्यालय में संचालित होने वाले पंचकर्म सेंटर से लाभ मिल सकता है।
यदि पंचकर्म सेंटर को भेडवन स्थानांतरित किया जाता है, तो सारंगढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को उपचार के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और ऐसे मरीजों के लिए परेशानी बढ़ सकती है, जिन्हें नियमित रूप से पंचकर्म चिकित्सा की आवश्यकता होती है।
भेडवन तक पहुंचने के लिए मरीजों को निजी वाहन, ऑटो या टैक्सी का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे उनके समय और पैसे दोनों का अतिरिक्त खर्च होगा। ऐसे में यह सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है कि जिला मुख्यालय में उपलब्ध कराई जा सकने वाली स्वास्थ्य सुविधा को दूरस्थ स्थान पर संचालित करने का निर्णय जनहित में कितना उचित होगा।
पहले भी भवन चयन को लेकर उठ चुके हैं सवाल
जानकारी के अनुसार, जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए काली मंदिर के पीछे स्थित सामुदायिक भवन को चिन्हित किया गया था। हालांकि, यह स्थान शहर की मुख्य बसावट से दूर होने के कारण महिलाओं और मरीजों की सुरक्षा तथा आवागमन की दृष्टि से उपयुक्त नहीं माना जा रहा था।
वहीं, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के कार्यालय के लिए फूलझरिया पारा स्थित प्राथमिक शाला भवन को चिन्हित किया गया था। यहां जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के कार्यालय का बोर्ड भी लगाया गया था। बताया जाता है कि बरसात के दौरान भवन की चारदीवारी गिर जाने के बाद कार्यालय को विकास भवन में स्थानांतरित कर दिया गया।
अब यदि पंचकर्म सेंटर के लिए पहले से चिन्हित विकास भवन का उपयोग जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के कार्यालय के लिए किया जाता है और पंचकर्म सेंटर को भेडवन भेजा जाता है, तो यह जानना जरूरी होगा कि इस व्यवस्था के पीछे प्रशासनिक कारण क्या हैं तथा भवनों के चयन में जनसुविधा को कितना महत्व दिया गया है।
जिला मुख्यालय में अन्य भवन भी उपलब्ध होने का दावा
सारंगढ़ जिला मुख्यालय में आयुर्वेदिक विभाग के कार्यालय और चिकित्सकीय सुविधाओं के संचालन के लिए अन्य भवनों की उपलब्धता का भी दावा किया जा रहा है। इनमें जनपद पंचायत सारंगढ़ परिसर के खाली कमरे तथा मंडी के सामने स्थित सामुदायिक भवन प्रमुख हैं।
मंडी के सामने स्थित सामुदायिक भवन का निर्माण तत्कालीन सांसद परसराम भारद्वाज की निधि से कराया गया था। बताया जाता है कि इसका निर्माण सार्वजनिक आयोजनों और अन्य सामुदायिक गतिविधियों के उद्देश्य से किया गया था। यहां पूर्व में शादी-विवाह सहित विभिन्न शासकीय और सामाजिक आयोजन भी होते रहे हैं।
इस भवन में अटैच लैट्रिन-बाथरूम के साथ अन्य कमरों की भी व्यवस्था होने की बात कही जा रही है। ऐसे में इसे जिला आयुर्वेदिक अधिकारी के कार्यालय अथवा अन्य उपयुक्त शासकीय गतिविधियों के लिए उपयोग में लाने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्मित भवन का वर्तमान उपयोग और उसका आवंटन मूल उद्देश्य के अनुरूप है या नहीं। इस संबंध में संबंधित निकाय से स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है।
प्रशासन से निर्णय की समीक्षा की मांग
पंचकर्म सेंटर के स्थानांतरण की चर्चा के बीच अब यह आवश्यक हो गया है कि जिला प्रशासन और आयुर्वेदिक विभाग पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करें। यदि विकास भवन की मरम्मत पर करीब 9 लाख 90 हजार रुपये खर्च किए गए हैं, तो उस खर्च का उद्देश्य, भवन की वर्तमान उपयोगिता और पंचकर्म सेंटर को स्थानांतरित करने के कारण सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पंचकर्म सेंटर के उपकरणों को भेडवन भेजने का निर्णय लिया गया है या इस संबंध में केवल विचार किया जा रहा है।
जनहित में यह मांग उठ रही है कि पंचकर्म सेंटर को सारंगढ़ जिला मुख्यालय में ही संचालित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। इससे शहर के नागरिकों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी को भी आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ आसानी से मिल सकेगा। सरकारी धन से तैयार की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग इस प्रकार होना चाहिए कि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले और सार्वजनिक धन का सदुपयोग सुनिश्चित हो।



