
सारंगढ़। महाराजा अग्रसेन जी की 5050 वर्ष पुरानी एक ईंट एक रुपया की अखंड दान परंपरा को सारंगढ़ की युवा पीढ़ी ने नये कीर्तिमान में बदल दिया है। 19 76 से 2026 में बाबा के सपने को पोतों ने दिया नया स्वरुप, 1976 में स्वर्गीय रामरतन अग्रवाल ने अपने अध्यक्षीय कार्य काल में अग्रसेन भवन का श्रीगणेश किया था । आज 50 वर्ष बाद उनकी तीसरी पीढ़ी के बालकिशन केडिया के नेतृत्व में उनकी ही टीम ने 5 एकड़ से अधिक भूमि पर भव्य अग्रोहा धाम निर्माण का संकल्प लिया है और जमीन खरीद कर श्रीगणेश कर दिया है।
21 लाख के दानवीर समाज के नये भीष्म
इस महायज्ञ में समाज के दानवीरों ने 21-21 लाख रु. का ऐतिहासिक सहयोग देकर पूरे प्रदेश में सारंगढ़ का नाम रोशन कर दिया है। जिसमें सहयोगी ट्रस्टी के रुप में दिनेश धनानिया, संतोष गोपाल (पोशाक पैलेस),बालकिशन केडिया (अध्यक्ष), मनीष कु. केडिया, राजकुमार गोयल,
अजेश अग्रवाल,
संजय रामकिशन अग्रवाल, पवन केडिया सरसिंवा, पवन अग्रवाल दानसरा, नरेश अग्रवाल फरसवानी,जगदीश उचानिया, राज कुमार गोयल , प्रदीप अग्रवाल सरसिंवा, प्रमोद अग्रवाल दानसरा, CA कैलाश अग्रवाल,
सोनू गोडम,भरत अग्रवाल सरिया, विनोद अग्रवाल (अग्रसेन ज्वेलर्स), अशोक कुमार शर्मा
सुनील मित्तल (मेडिकल), शशांक अग्रवाल सरसिंवा ने चैक दी, अर्थात इतिहास ने खुद को दोहराया है कल बाबा ने अग्रसेन भवन को साकार किया था, आज उनके पोतों ने 21 – 21 लाख की राशि देकर अग्रोहा धाम को साकार करने की तैयारी कर ली है। महाराजा अग्रसेन की इस दान परंपरा को अक्षुण्ण बनाने के लिए सम्पूर्ण अग्रवाल समाज इन युवा दानवीरों को कोटि-कोटि साधुवाद देता है।



