दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना से पात्र दम्पतियों को मिलेगा आर्थिक संबल – कलेक्टर भोई

सारंगढ । राज्य शासन द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक,
आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पात्र दम्पतियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने राज्य शासन की मंशानुरूप पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और व्यापक प्रचार – प्रसार के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। योजना के तहत दम्पति में एक व्यक्ति के दिव्यांग होने पर 30 हजार रुपये तथा दोनों के दिव्यांग होने पर 1 लाख रुपये की एक मुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है। लाभ के लिए दम्पति में से कम से कम एक का छग का मूल निवासी होना व दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक होना आवश्यक है। पुरुष का प्रथम विवाह होना चाहिए। विवाह के समय युवक की आयु 21 से 45 वर्ष तथा युवती की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। विवाह सामाजिक रीति-रिवाज या सक्षम न्यायालय द्वारा विधिवत संपन्न होना चाहिए तथा दम्पति में से कोई भी आयकर दाता श्रेणी में नहीं होना चाहिए।
पात्र दम्पति को विवाह तिथि से 90 दिवस के भीतर निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। शहरी क्षेत्र में नगरीय निकाय और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत विवाह पंजीयन के लिए अधिकृत हैं। कलेक्टर ने विवाह पंजीयन के दौरान आने वाले दिव्यांग दम्पतियों को योजना की जानकारी देकर लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम सभाओं सहित मैदानी स्तर पर जानकारी पहुंचाने और आवेदन में मार्गदर्शन देने को कहा है ताकि कोई भी पात्र वंचित न रहे। योजना की विस्तृत जानकारी समाज कल्याण विभाग के कार्यालय एवं वेबसाइट http:// sw.cg.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।



