
सारंगढ़। भारत सरकार द्वारा आगामी जनगणना 26-27 की समय – सारणी की घोषणा के बाद सामाजिक न्याय की दिशा में निर्णायक लड़ाई का बिगुल बज चुका है। जारी समय-सारणी के अनुसार 1 दिसंबर 2026 से देश भर में जनगणना की शुरुआत होने जा रही है, जो 4 जनवरी 2027 को संपन्न होगी। इस विषय पर ओबीसी महासभा के प्रदेश सह सचिव सतीश यादव ने कहा कि- देश में अंतिम बार जातिगत जन गणना सन 1931 में हुई थी। आज 95 साल बीत जाने के बाद भी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सटीक गिनती नहीं कराई गई है।
उन्होंने प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि जैसे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति की गणना अलग से की जाती है, वैसे ही जन गणना फॉर्म में ओबीसी का अलग कॉलम बनाकर पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से गिनती कराई जाए। जनगणना शुरू होने में अब सीमित समय बचा है और अगले 75 दिनों की मुहिम ऐतिहासिक होगी। ओबीसी महासभा द्वारा समाज के सभी बुद्धिजीवियों, युवाओं और नागरिकों को जागरूक और संगठित करने के लिए जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। सतीश यादव ने अपील की कि वैज्ञानिक गिनती से ही पहचान और अधिकार सुरक्षित होगा। “जय जवान, जय किसान, सारे ओबीसी एक समान” के नारे के साथ हक और अधिकार की लड़ाई हर घर तक पहुंचाई जाएगी।



