
सारंगढ़। शहर के वरिष्ठ सेवानिवृत्त शिक्षक एवं अपने सरल, सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए प्रसिद्ध अरुण सिंह ठाकुर का शुक्रवार सुबह निधन हो गया । उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई। अरुण सिंह ठाकुर को लोग स्नेहपूर्वक “गुरुजी” के नाम से जानते थे। उन्होंने सारंगढ़ के विद्यालय में वर्षों तक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की। वे केवल एक आदर्श शिक्षक ही नहीं, बल्कि अपनी सज्जनता, सरल स्वभाव और अनुशासित जीवनशैली के कारण भी समाज में विशेष सम्मान रखते थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही उनके साथ कार्य कर चुके अधिकारी कर्मचारी विद्यार्थी सामाजिक संगठनों के लोग तथा नगरवासी व्हाट्स एप और फेसबुक सहित विभिन्न माध्यमों से श्रद्धांजलि एवं शोक संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
अंतिम संस्कार नगर के मुक्तिधाम में किया गया, जहां उनके पुत्र ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक, जन प्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रमजीवी पत्रकार संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह ठाकुर ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि – इस दुःख की घड़ी में हम शोकाकुल परिवार के साथ हैं। परम ब्रह्म परमेश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।














