
स्थानांतरण आदेश के बाद भी संबंधित को रिलीज नही कर रहे
जिला पंचायत के आदेश की हो रही अवहेलना
सारंगढ़। सारंगढ़ बिलाईगढ जिला में पदस्थ अधिकारियों की मनमानी कार्रवाई को लेकर आए दिन अखबारों की सुर्खियों में रहती हैं लेकिन बावजूद इसके संबंधितों को कोई फर्क नहीं पड़ता है जिसके परिणामस्वरूप इस नवीन जिले में पदस्थ मातहत कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं इसी कड़ी में सारंगढ़ जिला पंचायत सीईओ के द्वारा विगत दिनों एक आदेश जारी कर जी राम जी महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में सारंगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र में पदस्थ रहे कर्मचारियों को लेकर एक आदेश जारी किया गया था जिसमें सारंगढ़ जनपद पंचायत में पदस्थ बलदेव साहू सहायक ग्रेड 03को अतिशेष पदों के रिक्त पदों के रिक्त पर समयोजन के तहत सारंगढ़ जनपद पंचायत से जिले के बिलाईगढ जनपद पंचायत में पदस्थ करने संबंधी आदेश जारी किया गया था लेकिन आज पर्यन्त संबंधित कर्मचारी को सारंगढ़ जनपद पंचायत सीईओ राधेश्याम नायक के द्वारा रिलीव नहीं किया गया है जबकि सीईओ जिला पंचायत के आदेश क्रमांक 2165/जि पं/vb ram g 2026 27 दिनांक 16 अक्टूबर के तहत संविदा कर्मचारियों की सेवा वृद्धि एवं नवीन पदस्थापना तय की गई थी जिसमें आदेश पत्र के सरल क्रमांक 20मे दर्ज विवरण के अनुसार सहायक ग्रेड 03 बलदेव साहू को अतिशेष पदों के रिक्त पर समयोजन के तहत स्तारंरित किया गया है जिसमें आज पर्यन्त तक सारंगढ़ जनपद पंचायत सीईओ राधेश्याम नायक के द्वारा रिलीव नहीं किया गया है।
क्या जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश को ठेंगा दिखा रहे सीईओ राधेश्याम नायक
इस संबंध में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां जिला कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ के साथ ही जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा अनुमोदित इस आदेश के परिपालन में कोई कार्रवाई तो दूर है जिसमें अतिशेष पदों पर समयोजन के तहत जिला पंचायत सीईओ के स्पष्ट आदेश के बाद भी सारंगढ़ जनपद पंचायत सीईओ राधेश्याम नायक के द्वारा महज एक कर्मचारी को रिलीव करने में हील हवाला किया जा रहा जिससे एक बार फिर सारंगढ़ बिलाईगढ जिला प्रशासन के अनुमोदन व सीईओ जिला पंचायत के आदेश के बाद भी सारंगढ़ जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा की जा रही अवहेलना में जिला कलेक्टर जिला सीईओ के द्वारा क्या होगी कार्रवाई यह समय के गर्त में है
जिला पंचायत सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के बावजूद निचले स्तर के प्रशासनिक तंत्र में मनमानी और आदेशों की अवहेलना का मामला सामने आया है। जिला पंचायत कार्यालय द्वारा 16 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश (क्र./2165/जि.पं./VB-G RAM G/2026-27) के तहत संविदा कर्मचारियों की सेवा वृद्धि एवं नवीन पदस्थापना तय की गई थी।
आदेश पत्र के सरल क्रमांक 20 में दर्ज विवरण के अनुसार, सहायक ग्रेड-03 श्री बलदेव प्रसाद साहू को अतिशेष पदों के रिक्त पर समायोजन के तहत जनपद पंचायत बिलाईगढ़ में पदस्थ किया गया है। परंतु, आदेश जारी होने के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जनपद पंचायत सारंगढ़ द्वारा संबंधित कर्मचारी को भारमुक्त (Relieve) नहीं किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश को ठेंगा
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित एवं कलेक्टर व जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा अनुमोदित इस आदेश का पालन न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अतिशेष पदों के रिक्त पर समायोजन के तहत् जनपद पंचायत बिलाईगढ़ भेजे जाने के स्पष्ट निर्देश के बाद भी सारंगढ़ जनपद सीईओ द्वारा रिलीविंग में हीला-हवाली करना विभागीय अनुशासनहीनता की ओर इशारा करता है।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जिला स्तर से जारी स्पष्ट आदेशों को दबाकर बैठना और स्थानांतरण / पदस्थापना के क्रियान्वयन में रोड़ा अटकाना शासकीय कार्यों को प्रभावित कर रहा है। जब जिला पंचायत सीईओ द्वारा अनुमोदित आदेशों की यह स्थिति है, तो निचले स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न उठना लाजिमी है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत सीईओ इस अवहेलना पर क्या रुख अपनाते हैं और संबंधित जनपद सीईओ को आदेश का कड़ाई से पालन कराने हेतु क्या निर्देश जारी करते हैं।



