
अब कम्प्यूटर आपरेटर ने मेडिकल आफिसर के साईन को बताया फर्जी
सारंगढ़ शहर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष राजू यादव के हस्तक्षेप के बाद मरीज को मिली राहत
सिविल सर्जन डॉ दीपक जायसवाल ने आपरेटर व स्टाफ को लगाई फटकार
सारंगढ़। सारंगढ़ बिलाईगढ जिला गठन के चार वर्ष बीतने के बाद भी सारंगढ़ बिलाईगढ जिला का स्वास्थ्य अमला महज कागजों व विज्ञप्ति के माध्यम से वाहवाही लूटने में लगी है जबकि वास्तविकता अभी भी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कोसो दूर है जिले के गठन के बाद सारंगढ़ स्वास्थ्य केंद्र अब जिला चिकित्सालय का स्वरूप ले चुकी है लेकिन आज भी यह जिला चिकित्सालय पूर्व की भांति रिफर सेंटर ही बना हुआ है जबकि जिला चिकित्सालय परिसर में ही अब तक लाखों खर्च करने के बाद भी आए दिन मरीजों के परिजन व यहां पदस्थ स्टाफ से विवाद की बात सामने आने के साथ ही रिफर सेंटर के नाम से क्षेत्र वासी परेशान हैं इसी कड़ी में आज जिला चिकित्सालय में माहौल उस वक्त गर्म हो गया जब एक मरीज के परिजन के जिला चिकित्सालय से डिस्चार्ज कराने पहुंचे थे और वहां पहुंच कर अपनी परेशानी बताई व बतौर मेडिकल आफिसर जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉ सुनील पटेल के हस्ताक्षर किए दस्तावेज कंप्यूटर आपरेटर को दिया गया जिसमें संबंधित आपरेटर ने दफ्तरशाही का हवाला देते हुए पहले तो संबंधितों को परेशान किया इसके बाद संबंधित मेडिकल आफिसर डॉ सुनील पटेल के द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज को फर्जी बताया और संबंधित मरीज को डिस्चार्ज करने से ही मना कर दिया तो वहीं इस मामले की जानकारी मिलते ही सारंगढ़ शहर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष राजू यादव के द्वारा तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचे व
पीड़ित की बेबसी और अस्पताल में चल रही इस मनमानी की खबर जैसे ही शहर कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष राजू यादव को लगी, उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की और तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया।
मंडल अध्यक्ष राजू यादव ने पीड़ित को ढांढस बंधाया और सीधे सिविल सर्जन के कक्ष में पहुंचकर इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने बेहद तार्किक और कड़े शब्दों में सिविल सर्जन से कहा कि एक कंप्यूटर ऑपरेटर को यह अधिकार किसने दिया कि वह एक गजटेड मेडिकल ऑफिसर के हस्ताक्षरों को चुनौती दे और मरीजों को प्रताड़ित करे?
मंडल अध्यक्ष की इस त्वरित और गंभीर पहल का असर तुरंत देखने को मिला। सिविल सर्जन ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए तत्काल उस कंप्यूटर ऑपरेटर को अपने चैंबर में तलब किया। मंडल अध्यक्ष राजू यादव की मौजूदगी में सिविल सर्जन ने शासकीय मर्यादा का उल्लंघन करने और मरीज को परेशान करने के लिए उस ऑपरेटर को सबके सामने कड़ी फटकार (लताड़) लगाई।
इसके साथ ही सिविल सर्जन ने अस्पताल की व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने और भविष्य में किसी भी मरीज के साथ ऐसी बदतमीजी न होने देने का मौखिक आश्वासन दिया। मंडल अध्यक्ष राजू यादव ने सिविल सर्जन के इस त्वरित और संवेदनशील निर्णय की सराहना करते हुए अस्पताल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया तथा निकट भविष्य में ऐसे घटना की पुनरावृत्ति न हो, इस बात का विशेष ध्यान रखने का निवेदन सिविल सर्जन डा दीपक जायसवाल से किया।
इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद आम जनता और पीड़ित ने मंडल अध्यक्ष राजू यादव के साहसी नेतृत्व और तत्परता की जमकर तारीफ की। लोगों का कहना था कि अगर मंडल अध्यक्ष जी समय पर दखल नहीं देते, तो मरीज आज भी दफ्तरशाही का शिकार हो रहा होता।



