
सारंगढ़ । शासन द्वारा सुशासन के तहत कलेक्टर जनदर्शन, मुख्य मंत्री जनदर्शन और शिकायत पोर्टल के माध्यम से आम जनता की समस्या का सप्ताह भर में निराकरण करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन बिलाईगढ़ जपं में इसके उलट स्थिति है। यहां कलेक्टर जनदर्शन के आवेदनों को रद्दी की टोकरी में फेंकने का आरोप लगा है मामला ग्रापं डोकरीडीह का है। यहां अधोसंरचना मद से 10 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड स्वीकृत है। पोल्ट्री फार्म से बस्ती की ओर बनने वाली इस सड़क को स्टीमेट के अनुसार 7 इंच मोटी, 4 मीटर चौड़ी और 262 मीटर लंबी बनाया जाना है। ग्रामीणों का आरोप है कि – सरपंच श्रीमती कुंती साहू द्वारा 3 – 4 इंच ही कांक्रीटिंग की जा रही थी। ग्रामीणों ने स्टीमेट से काम करने को कहा तो सरपंच ने काम ही बंद कर दिया। लगभग 10 -15 मीटर का घटिया निर्माण कर छोड़ दिया गया है। विरोध करने पर एक युवक पर FIR भी करा दी गई।
विदित हो कि इसे लेकर 28 जुलाई 26 को 200-250 ग्रामीण कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे। 15 दिन बाद दोबारा गए तो तत्कालीन एस डी एम प्रफुल्ल रजक ने जनदर्शन में आवेदन जाने से रोककर स्वयं जांच का आश्वासन दिया लेकिन जांच नहीं हुई। 16 सितंबर को जिला पंचायत सीईओ ने 15 दिन में जांच का आश्वासन दिया, परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि- एक ही शिकायत के लिए 35 – 40 किमी का सफर कर 5 बार जनदर्शन जाना पड़ा। एक सरपंच के कारण सैकड़ों ग्रामीणों के मान- सम्मान को कुचलना न्याय संगत नहीं है।



