
भटगांव। विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर 8 अक्टूबर को निराला हॉस्पिटल पलारी में नेत्र जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष की थीम आँख है तो जहान है – चोट से बचाओ, रोशनी बचाओ रखी गई है । निराला हॉस्पिटल के डॉ. एफआर. निराला ने बताया कि- ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा दृष्टि चोटों के कारण जाती है। बच्चों में गुल्ली- डंडा, पेन की नोक व पटाखों से, किसानों में धान की लाई, भूसा व कीटनाशक से तथा वेल्डिंग मजदूरों में बिना चश्मे के काम करने से आँखों की रोशनी चली जाती है। 90 % मामलों में सावधानी बरतने से इसे रोक सकते है।
निराला ने बताया कि – आँख में छोटी सी लाई भी चले जाने पर 24 घंटे में इन्फेक्शन फैल जाता है। चोट लगने पर आँख को रगड़ना नहीं चाहिए, हल्दी, दूध या गुलाब जल नहीं डालना चाहिए और 6 घंटे के भीतर डॉक्टर के पास पहुंचना चाहिए, यही सुनहरा समय होता है डॉ. निराला ने 7 सूत्रीय बचाव मंत्र दिया – खेत व कारखाने में 20 रुपये वाला सेफ्टी चश्मा भी पहनें, बच्चों को नुकीले खिलौने न दें, 20-20-20 नियम अपनाएं, विटामिन A युक्त भोजन करें, अंधेरे में मोबाइल न देखें और सभी मिडिल स्कूल के बच्चों की आँखों की अनिवार्य जांच कराएं। इस अवसर पर निःशुल्क नेत्र जांच व परामर्श भी दिया जाएगा।



