ग्राम पेंड्रावन में आंगनवाड़ी भवन एवं महतारी सदन का लोकार्पण संजय पांडे सहित कई सख्स रहे मौजूद

सारंगढ़-बिलाईगढ़। ग्राम पेंड्रावन में आज आंगनवाड़ी भवन एवं महतारी सदन का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पांडेय, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री ज्योति पटेल, जिला पंचायत सीईओ श्री ऋषिकेश तिवारी, जनपद सीईओ, सरपंच सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की सोच है कि नारी सशक्त होगी तो परिवार, समाज और प्रदेश सशक्त होगा। एक नारी शिक्षित होती है तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। इसलिए महिलाओं की शिक्षा के साथ-साथ उनकी आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपने हुनर और व्यवसाय को आगे बढ़ाकर सफल उद्यमी बन सकें।
श्री पांडेय ने कहा कि इसी उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर तक महतारी सदन उपलब्ध कराया जा रहा है। यह भवन महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, बैठक, आपसी संवाद तथा विभिन्न विषयों पर चर्चा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां महिलाएं अपने समूह की गतिविधियों, रोजगार, स्वरोजगार एवं आजीविका से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श कर सकेंगी।
जिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई ने कहा कि महतारी सदन महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार है। महिलाएं यहां बैठकर व्यवसाय एवं आजीविका से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती हैं तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से महतारी सदन का अधिक से अधिक उपयोग करने और प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। महतारी सदन एवं आंगनवाड़ी भवन के लोकार्पण से ग्राम पेंड्रावन की महिलाओं और बच्चों के लिए एक उपयोगी आधारभूत सुविधा उपलब्ध हुई है।



