छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

*शासकीय प्राथमिक शाला धुता में सेवा संकल्प अभियान के तहत विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन*

*सारंगढ़, 19 सितंबर 2026।* शासकीय प्राथमिक शाला धुता, संकुल घौठला छोटे विकासखंड सारंगढ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शनिवार को विविध गतिविधियों का आयोजन बड़े ही उत्साहपूर्वक किया गया।

कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी सारंगढ़ जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की *श्रीमती सोमा सिंह ठाकुर* मुख्य अतिथि के रूप में तथा संकुल समन्वयक घौठला छोटे एवं भेड़वन *श्री जीवित कुमार नायक* विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।ग्राम पंचायत जसरा सरपंच श्रीमती सरिता शिवा चन्द्रा,समस्त पंचगण,शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों,MDM रसोईया,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका,अंशकालीन सफाई कर्मचारी,समस्त गणमान्य नागरिकों ग्रामवासियों तथा महिला शक्ति की विशेष उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश की पूजा के साथ किया गया।अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं स्वागत नृत्य के साथ बड़े उत्साह के साथ किया गया।इसके पश्चात एक पेड़ माँ के नाम 3.0 के तहत वृक्षारोपण, न्योता भोजन, विभिन्न प्रकार की सामग्री वितरण,तथा सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले की अलग सोच एवं अनुकरणीय पहल करने वाली *कलेक्टर महोदया श्रीमती *पदमिनी भोई साहू* जी से प्रेरणा लेकर
शालाओं के सभी बच्चों को जूता-मोजा वितरण तथा सेवा संकल्प भाषण प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं विद्यालय के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।
*रचनात्मकता बनी कार्यक्रम का आकर्षण*
कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित एवं पर्यावरण-अनुकूल कलाकृतियों ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। बच्चों ने स्थानीय मिट्टी से गणेश प्रतिमा तैयार कर उसे आकर्षक रूप से सजाया। वहीं रंग-बिरंगे कागजों से फूल एवं बुके बनाकर अतिथियों का स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर की सजावट में भी बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रमुखता दी गई।

बच्चों द्वारा स्वयं तैयार की गई इन कलाकृतियों के माध्यम से “कबाड़ से उपयोगी वस्तु”, कागज से सजावटी सामग्री तथा प्राकृतिक वस्तुओं से विद्यालय सजावट जैसे रचनात्मक प्रयास किए गए। इन गतिविधियों से बच्चों में कला-कौशल, कल्पनाशक्ति, आत्मविश्वास, एकता की भावना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिला।

विशेष रूप से मिट्टी से बनाई गई गणेश प्रतिमा और कागज से तैयार किए गए फूलों के बुके से अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम की अनूठी पहल रही। अतिथियों ने बच्चों की रचनात्मक सोच और शिक्षकों के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए ऐसे प्रयासों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

यह पहल इस संदेश को सामने लाती है कि सीमित संसाधनों में भी बच्चों की कल्पनाशक्ति और सृजनात्मकता से विद्यालय को सुंदर, जीवंत और सीखने के बेहतर स्थान बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान पाठक *श्री ठंडाराम सिदार* एवं सहायक शिक्षक *श्री दरबार सिंह लोहकार* के मार्गदर्शन में तथा *श्रीमती सहोद्रा पटेल* की विशेष देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा बच्चों का उत्साहवर्धन किया गया तथा विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की गई।

अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों, सहयोगियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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