
सारंगढ़ । जिला मुख्यालय सारंगढ़ से रायपुर मार्ग पर वार्ड क्र. 5 विशाल पुर स्थित प्राचीन तालेश्वर मंदिर का तालाब अब आस्था के साथ परेशानी का कारण बन गया है। धार्मिक महत्व के इस तालाब में जलकुंभी व कचरे के कारण गंदगी फैल गई है, जिससे रोजाना स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को त्वचा रोग, खुजली जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। उपेक्षा का शिकार तालेश्वर मंदिर में रोजाना शहर व आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु पूजा – अर्चना के लिए आते हैं। मंदिर परिसर का तालाब स्थानीय लोगों के लिए सालभर स्नान और दैनिक उपयोग का मुख्य साधन है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे नियमित रूप से यहां आते हैं। लेकिन लंबे समय से साफ – सफाई न होने से पूरा तालाब जलकुंभी और पुराइन पत्तों से भर गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर नपा प्रशासन को कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हुई। कुछ महीने पहले नई दुनिया के प्रतिनिधि दिलीप टंडन ने तत्कालीन कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौज से इस पर चर्चा की थी। तब कलेक्टर ने शीघ्र सफाई का आश्वासन दिया था, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब जब जिले की कमान कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने संभाल ली है, तो क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इस धार्मिक और सार्वजनिक महत्व के तालाब की सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी। लोगों ने चेताया है कि – बरसात से पहले सफाई न होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस संबंध में नपा सी एम ओ ने बताया कि विभागीय टीम जल्द स्थल का निरीक्षण करेगी और उसके बाद आवश्यक साफ – सफाई व अन्य व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से तालाब की नियमित सफाई व जलकुंभी हटाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि लोगों को स्वच्छ व सुरक्षित माहौल मिले।














