सारंगढ़ :गरीबों की शादी में ‘डाका’.महिला बाल विकास विभाग में 15 लाख की चाशनी*कन्या विवाह योजना को निगल गई कमीशनखोरी

सारंगढ़। गरीबों एवं जरूरतमंदों के घर बसाने वाली मुख्य मंत्री कन्या विवाह योजना को सारंगढ़ का महिला बाल विकास विभाग भ्रष्टाचार की चाशनी में डुबोकर डकार गया है। टेंट से लेकर खाने और शादी के सामान तक में ऐसी नग्न कमीशनखोरी की गई कि वर-वधू के परिजनों को खुशियों के मंडप में आक्रोशित होना पड़ा । इस महा घोटाले की गूंज जब राजधानी रायपुर पहुंची, तो विशेष जांच टीम ने सारंगढ़ पहुंचकर विभाग की कुंडली खंगाल डाली जांच पूरी होते ही अब भ्रष्ट अधिकारियों की कुर्सी डोलने लगी है व महकमे में हड़कंप मच गया है। दस्तावेजों से सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि – 10 फरवरी व 8 मई को सारंगढ़ में हुए सामूहिक विवाह आयोजनों में नियमों को ताक पर रख दिया गया । लगभग 15 लाख रुपये के टेंट, भोजन और विवाह सामग्री की खरीदी के लिए न तो कोई क्रय समिति बनाई गई और न ही नियमानुसार मार्केट से कोटेशन मंगाए गए। अधिकारियों ने अपनी जेबें गर्म करने के चक्कर में मनमानी करते हुए अपने चहेते ठेकेदारों और फर्मों को उपकृत कर दिया।
शिकायतकर्ता सोम देव कुमार व माधव सिंह ने विभाग की इस मनमानी के खिलाफ सीधे महिला एवं बाल विकास विभाग के राज्य सचिव (रायपुर) को मोर्चा खोलते हुए बिंदुवार शिकायत भेजी थी । आरोप है कि – शादी में जो सामान बांटे गए, वे इस कदर स्तरहीन और कबाड़ थे की शादी की पवित्रता मखौल बनकर रह गई। अफसरों की इस कमीशनखोरी के कारण वर-वधू के परिवारों में भारी नाराजगी, आक्रोश था। मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 जून को रायपुर से आई विशेष जांच टीम ने कार्यालय जिला कार्यक्रमअधिकारी में डेरा डाला। शिकायत कर्ताओं को नोटिस जारी कर बयान दर्ज किए गए और जांच प्रतिवेदन (रिपोर्ट) सील कर दी गई है। जांच टीम के लौटते ही विभाग के बड़े अफसरों पर निलंबन की तलवार लटक गई है । सूत्र बताते हैं कि – अपनी चमड़ी बचाने व कार्रवाई से भागने के लिए जिला स्तर के एक रसूखदार साहब इन दिनों जनता की फाइलें छोड़, राज नेताओं के बंगलों की परिक्रमा करने और पैर पकड़ने में जुटे हुए हैं । अब देखना यह है कि क्या शासन इन भ्रष्टाचारियों पर सीधे हथौड़ा चलाता है, या फिर नेताओं की शरण में गए इन कमीशन खोरों को अभय दान मिल जाता है।














