बिलाईगढ़ के अस्थाई गौठान में 48 घंटे में 11 गोवंशों की मौत, आखिर जिम्मेदार कौन?

सारंगढ़। जिले के बिलाईगढ़ में गौवंशों की दुर्दशा का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बिलाईगढ़ के अस्थाई गौठान में महज 48 घंटों के भीतर 11 गोवंशों की मौत हो गई है, जिसके बाद प्रशासन व गौठान प्रबंधन की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और चश्मदीदों के अनुसार गौठान में गोवंशों के लिए न तो पर्याप्त चारा – पानी की व्यवस्था है और न ही धूप और बारिश से बचने के लिए छत की। बेजुबान गोवंश खुले आसमान के नीचे कीचड़ में रहने को मजबूर हैं। कीचड़ में लगातार रहने से उनके पैरों में संक्रमण और अन्य बीमारियां फैल रही है। सबसे चिंता जनक बात यह है कि मृत गोवंशों को नियम अनुसार दफनाने के बजाय खुले में ही फेंक दिया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में भयंकर दुर्गंध फैल रही है एवं संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। आसपास के ग्रामीणों में इसको लेकर आक्रोश है ।गौ-सेवकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही गौठान में तत्काल चारा, पानी और शेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



