
ओडिसी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति के साथ बच्चों के समूह ने भी बांधा समां
सारंगढ़। चक्रधर समारोह की 8वीं संध्या सारंगढ़ की अंतरराष्ट्रीय ओडिसी नृत्यांगना आर्या नंदे के नाम रही। आर्या नंदे ने गुरु देवप्रसाद दास परंपरा में ओडिसी नृत्य की भावपूर्ण एवं मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति में शास्त्रीय नृत्य की भाव-भंगिमाओं, लय, ताल और नृत्य की बारीकियों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इस अवसर पर आर्या नंदे के साथ बच्चों के समूह ने भी शानदार नृत्य प्रस्तुति दी, जिसने समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ा। बच्चों ने अपनी आकर्षक वेशभूषा, भाव-भंगिमाओं और तालबद्ध नृत्य से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। आर्या नंदे के मार्गदर्शन में बच्चों की सामूहिक प्रस्तुति ने मंच पर शास्त्रीय नृत्य की खूबसूरती को और प्रभावशाली बना दिया।
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ से ताल्लुक रखने वाली आर्या नंदे ने भुवनेश्वर की प्रसिद्ध संस्था ‘त्रिधारा’ में डॉ. गजेंद्र कुमार पंडा के सान्निध्य में ओडिसी नृत्य की शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित मंचों चक्रधर समारोह, खजुराहो नृत्य महोत्सव, कोणार्क महोत्सव और ताज महोत्सव सहित अनेक मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया है। वहीं विदेशों में जापान, मलेशिया, सिंगापुर, दुबई और सऊदी अरब में भी ओडिसी नृत्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति की भव्य प्रस्तुति दे चुकी हैं।
आर्या नंदे को छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपालों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें ‘चक्रधर गौरव सम्मान’, ‘देवधारा सम्मान’ एवं आईसीसीआर सम्मान सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में एमए के साथ संगीत भास्कर की शिक्षा भी प्राप्त की है।
चक्रधर समारोह की इस संध्या में आर्या नंदे की उत्कृष्ट ओडिसी प्रस्तुति और बच्चों के समूह की मनमोहक सामूहिक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सारंगढ़ की बेटी की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों में भी उत्साह और गौरव का माहौल रहा।



