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भादी अमावस्या पर रानी सती दादी का महामंगल पाठ, उमड़ा जनसैलाब

सारंगढ़। भादी अमावस्या के पावन अवसर पर नगर के अग्रसेन भवन में भक्ति, आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के तत्वावधान में रानी सती दादी का भव्य महामंगल पाठ आयोजित किया गया, जिसमें सर्वसमाज की 500 से अधिक महिलाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। सुर साम्राज्ञी बाईसा श्रीमती पूनम शर्मा एवं पार्श्व गायिका श्रीमती आशा अग्रवाल ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से ऐसा भक्तिमय वातावरण बनाया कि – देर रात तक पूरा अग्रसेन भवन दादी के जयकारों और भजनों से गूंजता रहा । महा मंगल पाठ के दौरान 151 महिलाओं ने सामूहिक रूप से मंगल पाठ का गायन किया। दादी के दरबार में सजे भव्य श्रृंगार एवं पूजा-अर्चना के बीच श्रद्धालुओं ने दादी रानी के समक्ष धोक लगाई और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगलकामना की। कार्यक्रम में अग्रवाल समाज के साथ सर्वसमाज की महिलाओं की बड़ी उपस्थिति रही।

भजनों के साथ सुनाई दादी की जीवनगाथा

कार्यक्रम की मुख्य विशेषता यह रही कि महामंगल पाठ को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए रानी सती दादी की जीवनगाथा को संगीत एवं भजनों के माध्यम से भाव पूर्ण ढंग से प्रस्तुत कियें। गायिका पूनम शर्मा ने दादी के जन्मोत्सव से लेकर उनके पाठ शाला जाने विभिन्न कलाओं में निपुण होने, तनधन के साथ विवाह के दौरान बहन नारायणी को कमल विनीता अग्रवाल के द्वारा चुनरी उढाया गया तथा विवाह के पश्चात घटित घटनाओं को क्रमबद्ध रूप से भजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
महामंगल पाठ में तनधन बाबा के साथ हुए विवाह के बाद ससुराल जाते समय घनघोर युद्ध, युद्ध में तनधन बाबा वीर गति प्राप्त कियें, सती रानी दादी द्वारा युद्धभूमि संभालने तथा विरोधियों का सामना करने से लेकर उनके सती होने और राणा द्वारा उनकी भभूत को झुंझुनू धाम पहुंचाने तक की कथा को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कथा के विभिन्न प्रसंगों पर श्रद्धालु भाव- विभोर नजर आए।

महाकाली स्वरूप में कलाकार के प्रवेश ने बांधा समां

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया
नृत्य नाटिका एवं मयूर नृत्य की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। नृत्य नाटिका के दौरान कलाकार के मां महाकाली के स्वरूप में मंच पर आते ही गायिका पूनम शर्मा ने छत्तीसगढ़ी गीत नाचत-नाचत आबे, आबे दाई अंगना वो” की प्रस्तुति दी। गीत की स्वर लहरियां गूंजते ही श्रद्धालु भक्तिभाव में झूम उठे और पूरा सभागार तालियों एवं जयकारों से गूंजायमान हो गया। मनिहारी के भेष में श्रीमती घनश्याम सुल्तानिया की प्रस्तुति को भी खूब सराहना मिली। वहीं राधा-कृष्ण के स्वरूप में श्रीमती पारुल रिंकू अग्रवा. व श्रीमती आकृति घनश्याम सुल्तानिया ने मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों की वाहवाही लूटी। तनधन के रुप में अंजली वहीं नारायणी के रुप में जीविका केजरीवाल श्रद्धालुओं को आकर्षित करने में सफल रही।

महाभोग के बाद शुरू हुआ महा भंडारा

पूजा- अर्चना का विधि- विधान से संपादन गोपाल जी मंदिर छोटे मठ के महंत बंशीधर दास द्वारा कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य जजमान श्री नरेश अग्रवाल, श्रीराम राइस मिल द्वारा रात्रि 8 बजे माता रानी को महाभोग अर्पित किया गया। इसके पश्चात रात्रि 8:15 बजे महाभंडारे का शुभारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान सेवा एवं प्रसाद वितरण में समाज के लोगों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से सहयोग किया। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ बनी रही। माता के दरबार में पहुंचने वाले भक्तों ने पूजा- अर्चना कर दादी से अपने परिवार की सुख- शांति एवं समृद्धि की कामना की।

दादी के दरबार में आकर मन को मिलती है शांति

अग्रसेन सेवा संघ अध्यक्ष दिनेश धनांनिया ने बताया कि – भादी मावस पर रानी सती दादी का महामंगल पाठ आस्था और भक्ति का अद्भुत अवसर है। सामूहिक मंगल पाठ, भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दादी की महिमा का स्मरण करने से मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। संतोष अग्रवाल अध्यक्ष अग्रवाल सभा ने बताया कि – महामंगल पाठ का उद्देश्य समाज की महिलाओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना तथा रानी सती दादी की महिमा व जीवन गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है इस कार्यक्रम के दौरान रानी सती दादी की जय के जयकारों से पूरा अग्रसेन भवन गूंजता रहा। भक्ति संगीत, सामूहिक मंगल पाठ, नृत्य नाटिका, महाभंडारे के साथ आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया। आयोजन का समापन रात्रि 9 बजे हुआ।

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