
सारंगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने शताब्दी वर्ष (1925-2025) के उपलक्ष्य में देश भर में युवा सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इसी घड़ी में आज सारंगढ़ में युवा सम्मेलन संपन्न हुआ जिसमें सारंगढ़ क्षेत्र की लगभग 350 बच्चे सम्मिलित हुए.इन सम्मेलनों (जैसे- रायगढ़ सारंगढ़ बिलाईगढ़ ) में 15-35 आयु वर्ग के युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और अनुशासित जीवन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिसमें संघ के शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन मिल रहा है।
आरएसएस युवा सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएँ:
इन सम्मेलनों के माध्यम से संघ का लक्ष्य युवाओं को व्यसन मुक्त जीवन और ‘सच्चा नायक’ बनने के लिए प्रेरित करना है।
उद्देश्य: युवाओं को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, समय प्रबंधन और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना। संख्या के द्वारा आयोजित परिवर्तन को समझना एवं उसे अपने जीवन में उतरना,
शताब्दी वर्ष कार्यक्रम: संघ की 100 वर्षों की यात्रा (1925-2025) पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मुख्य गतिविधियाँ: इसमें विभाग प्रचारक (डॉ. राजकुमार भारद्वाज जी ) देशभक्ति गीतों का गायन, और स्वामी विवेकानंद के जीवन आदर्शों पर चर्चा शामिल है।
स्थान और समय: ये सम्मेलन विभिन्न जिलों में आयोजित हो रहे हैं, जैसे रायगढ़ सारंगढ़ छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगह पर संपन्न होने वाले हैं लक्ष्य: युवा शक्ति का सही दिशा में मार्गदर्शन कर भारत को एक सशक्त, अनुशासित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना। कार्यक्रम में हमारे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाह सतीश यादव, व्यवस्था प्रमुख तुषार तिवारी जी, आवेश गोयल (सयोजक )जी स्नेहा तिवारी नगर कार्यवाह सतीश यादव खंड प्रचारक जितेश जयसवाल जी एवं डॉक्टर हलधर पटेल जी चिराग साहू जी की उपस्थिति रहे.














