
सारंगढ़ : सारंगढ़ में मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। समाजसेवी सतीश यादव ने जरूरतमंदों को खिचड़ी, कपड़े और अन्य सामग्री बांटी। खिचड़ी के साथ चटनी, भुनी मिर्च और आचार परोसे गए। बच्चों और बड़ों ने पतंग उड़ाकर मस्ती की। सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं का सिलसिला भी जारी रहा।
मकर संक्रांति पर्व पर बच्चों के साथ ही बड़े लोगों ने भी पतंग उड़ाकर खूब मस्ती की।
मकर संक्रांति आज 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जा रही है। इस दिन सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही खरमास भी समाप्त हो जाएगा। शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति पर स्नान, दान और ध्यान से बेहद पुण्य फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, इस दिन सूर्यदेव को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है और तिल से बनी चीजें प्रसाद के रूप में चढ़ाई वे बांटी जाती हैं। इस परंपरा के पीछे पौराणिक कथा छिपी हुई है। आइए विस्तार से जानें क्यों शुरू हुई मकर संक्रांति पर खिचड़ी और तिल खाने के परंपरा हैं














