
सारंगढ़ । सुहागिनों ने करवा चौथ व्रत रख कर पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखी । चांद का हुआ दीदार अपने चांद से मिली नजरें यह सुखद समय के लिए सुहागिनों ने निर्जला व्रत पूरा कर पति के दीर्घायु के लिए कामनाएं किए । करवा चौथ व्रत सुहागिनों के लिए पति पत्नी के प्रेम का पर्व है एक दूसरे के प्रति स्नेह , सम्मान का प्रतीक है ।वर्तमान समय में लोगों के पास समय नहीं है रिश्तों में प्रगाढ़ता के लिए करवा चौथ व्रत एक माध्यम है जो रिश्तों को जोड़ती है व एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव जगाती है । सारंगढ़ शहर से लेकर गांवों तक करवा चौथ व्रत सुहागिनों ने रख अपनी प्रेम का भाव प्रगट किए । इस खुशी के पल को अपने अपने सोशल मीडिया में भी तस्वीरें डाल कर व्रत की महत्ता को बताए । करवा चौथ की मान्यताएं बहुत ही रोचक व पौराणिक कथाओं से जुड़ी हुई हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन के लिए व्रत रखती हैं । मान्यताओं की माने तो करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है। माना जाता है कि चंद्रमा को अर्घ्य देने से पति की आयु लंबी होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है । छलनी से पति का चेहरा देखना करवा चौथ की रात चंद्रदर्शन के बाद महिला छलनी से पति का चेहरा देखती हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे पति की आयु बढ़ती है और घर में सुख – समृद्धि बनी रहती है। इन मान्यताओं के अलावा, करवा चौथ का व्रत रखने से महिलाओं को आत्म-संयम और समर्पण की भावना की प्राप्ति होती है । यह पर्व महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है अपने पति और परिवार के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का।














