
सारंगढ़ । छग शासन के आदेश पर नपा द्वारा अटल परिसर पर देश के यशस्वी राष्ट्र नायक, पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई का जन्म शताब्दी वर्ष मनाया गया । इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति रही जिसमें जिपं अध्यक्ष संजय भूषण पांडे, के साथ ही साथ वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।उनके द्वारा अटल जी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना कियें , तदुपरांत अटल बिहारी वाजपेई के आदम कद प्रतिमा में माल्यार्पण कियें कार्यक्रम के दौरान मुख्य नपा अधिकारी ज्ञानपुंज कुलमित्र , उप अभियंता उत्तम कुमार कंवर, सहायक अभियंता पैंकरा के साथ भाजपा पदाधिकारी सदस्य और नपा कर्मचारी उपस्थित रहे । नगर पालिका परिवार द्वारा भाजपा नेताओं गणमान्य नागरिकों को पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम में भाजपा पार्षद मयूरेश केशरवानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि – सत्ता का खेल तो चलेगा , सरकारें आएंगी जाएंगी , पार्टियां बनेगी बिगड़ेगी । मगर यह देश रहना चाहिए । इस देश का लोकतंत्र अमर रहना चाहिए । मनुष्य को चाहिए कि – वह परिस्थितियों से लड़े, एक सपना टूटे तो दूसरा गढ़े । भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि – 1 नवंबर 2000 को छग देश के 26 वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया, इस प्रकार अटल जी की एक अटल प्रतिज्ञा पूरी हुई । वास्तव में राज्य का गठन करना कोई हंसी खेल तो था नहीं, कई वर्षों से लोग आवाज उठा रहे थे , इसके लिए लोग अनेक तरह से आंदोलन भी करते रहे पर राज्य का निर्माण नहीं हो पाया । यह तो अटल जी की दृढ़ इच्छा शक्ति का ही परिणाम है कि – बिना खून खराबे के छग राज्य का निर्माण हो गया । संजय पांडे ने कहा कि – अटल जी की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं होता था , वह जो कहते थे वही करते थे , तथा जो करते थे वहीं कहते थे ।उनकी इच्छा शक्ति बड़ी प्रबल थी तथा वादे के पक्के थे। 1 नवंबर 2000 को छग राज्य की स्थापना उनकी प्रबल इच्छा शक्ति का ही परिणाम है । उन्होंने 1998 में सप्रे शाला रायपुर के मैदान में जनता के नब्ज को टटोल कर वादा किया था कि – यदि आप लोकसभा में 11 में से 11 सीटों पर भाजपा को जीतागे तो मैं आपको छग राज्य दूंगा । हालांकि – चुनाव में भाजपा को 11 में से 8 सीट ही मिली लेकिन केंद्र में भाजपा की सरकार पुनः बनी तथा अटल जी पुनः प्रधानमंत्री बन गए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने अपनी प्रतिज्ञा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की घोषणा कर दिये।














