*सारंगढ़ के गोमर्डा अभयारण्य के 50 काले हिरण होंगे जल्द नए मेहमान, पर्यटन विकास को मिलेगी नई उड़ान*

*मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, सारंगढ़–बिलाईगढ़ को मिलेगी नई पहचान*
*वन मंत्री श्री कश्यप की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में गोमर्डा अभयारण्य में 50 काले हिरण छोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी*
*रायगढ़ से पृथक होकर बने सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती*
सारंगढ़–बिलाईगढ़, 13 अक्टूबर 2026। प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीव संपदा से परिपूर्ण सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिला अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में की जा रही पहल से जिले के प्रसिद्ध गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य में विकास की नई संभावनाएं आकार लेने लगी हैं। वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की उच्चस्तरीय बैठक में गोमर्डा अभयारण्य में 50 काले हिरण छोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से जंगल सफारी की संभावनाओं को नई गति मिली है। यह निर्णय जिले की प्राकृतिक विरासत को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
*बारनवापारा के सफल प्रयोग के बाद गोमर्डा में नई पहल*
राज्य शासन द्वारा वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन और उनके प्राकृतिक आवास को समृद्ध बनाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों को खुले जंगल में छोड़ने का प्रयोग सफल होने के बाद अब गोमर्डा अभयारण्य में भी 50 काले हिरण स्थानांतरित करने की तैयारी है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में नवा रायपुर में आयोजित बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे अभयारण्य की जैव विविधता को मजबूती मिलने के साथ वन्यजीव पर्यटन के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
गोमर्डा अभयारण्य सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है। यहां के हरे-भरे वन, शांत वातावरण और वन्यप्राणियों की विविधता पर्यटकों को आकर्षित करने की व्यापक क्षमता रखते हैं। जंगल सफारी की सुविधाएं विकसित होने से प्रकृति प्रेमियों को वन्यजीवों के प्राकृतिक परिवेश में अवलोकन का अवसर मिल सकेगा। इससे पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ जिले की पहचान प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित हो सकती है।
*पर्यटन से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, युवाओं को मिलेंगे आजीविका के नए अवसर*
आने वाले निकट भविष्य में गोमर्डा अभयारण्य में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार होती है तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की संभावना है। जंगल सफारी के संचालन से स्थानीय युवाओं के लिए पर्यटक मार्गदर्शक, वाहन चालक, परिवहन सेवा, भोजनालय, ग्रामीण आवास, हस्तशिल्प तथा स्थानीय उत्पादों के विपणन जैसे क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के रास्ते खुल सकेंगे। पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से छोटे व्यापारियों, महिला स्वसहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को भी आय अर्जित करने के अतिरिक्त साधन उपलब्ध हो सकते हैं।
प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी के विधानसभा क्षेत्र रायगढ़ से ऐतिहासिक और भौगोलिक जुड़ाव रखने वाले सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के लिए पर्यटन क्षेत्र में यह पहल विशेष महत्व रखती है। उल्लेखनीय है कि सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिला पूर्ववर्ती रायगढ़ तथा बलौदाबाजार–भाटापारा जिलों के क्षेत्रों को मिलाकर गठित किया गया है। नवीन जिले में प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिल सकती है। विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आजीविका के अवसर उपलब्ध होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।
*जिला प्रशासन के समन्वय से पर्यटन विकास की संभावनाओं को मिलेगा विस्तार*
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा जिले के समग्र विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जा रही है। गोमर्डा अभयारण्य में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में वन विभाग के साथ जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित विभागों का समन्वय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पर्यटकों के लिए सुगम पहुंच मार्ग, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा, मार्गदर्शन केंद्र और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास से इस क्षेत्र को व्यवस्थित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को पर्यटन सेवाओं से संबंधित प्रशिक्षण, महिला समूहों को पारंपरिक व्यंजनों एवं उत्पादों के विपणन तथा ग्रामीण परिवारों को आवासीय पर्यटन जैसी गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, पारंपरिक खानपान और ग्रामीण जीवनशैली को प्रकृति पर्यटन से जोड़कर पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव प्रदान किया जा सकेगा।
*नए जिले में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं*
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यटन संवर्धन की यह पहल सारंगढ़–बिलाईगढ़ जैसे नवीन जिले के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। गोमर्डा अभयारण्य में काले हिरणों के संरक्षण और भविष्य में जंगल सफारी की परिकल्पना साकार होने से यह क्षेत्र प्रकृति प्रेमियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। साथ ही पर्यटन आधारित रोजगार, स्थानीय व्यापार और ग्रामीण आजीविका के विस्तार से जिले के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन का यह संगम आने वाले वर्षों में सारंगढ़–बिलाईगढ़ की पहचान को प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता ह।



