छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

एक सिगरेट छीन रही जिंदगी के 11 मिनट- डॉ. निराला

देश में हर साल 13 लाख मौतें..

सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एफ. आर. निराला ने ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ (31 मई) के अवसर पर आम जनता और युवाओं को दी है। उन्होंने कहा कि तंबाकू आज पूरी दुनिया के साथ-साथ हमारे प्रदेश के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है, जिससे होने वाली मौतों को जागरूकता और संकल्प के जरिए आसानी से रोका जा सकता है।

डॉ. निराला ने बताया कि तंबाकू एक सामान्य सा दिखने वाला पौधा है, लेकिन इसमें ‘निकोटिन’ नामक खतरनाक रसायन होता है। इसमें हजारों प्रकार के हानिकारक तत्व मिले होते हैं, जो सीधे तौर पर जानलेवा साबित हो रहे हैं। सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने के कारण लोग बहुत जल्द इसके आदी हो जाते हैं। आज स्थिति यह है कि देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कारणों से प्रतिवर्ष 13 लाख लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, जो देश की उत्पादकता और अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती है.

माफियाओं के निशाने पर बच्चे और युवा-

चिंता जताते हुए पूर्व सीएमएचओ ने कहा कि तंबाकू उद्योग से जुड़े लोग तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर बच्चों और युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। हमें अपनी भावी पीढ़ी को इस चंगुल से बचाना होगा। भारत और राज्य सरकार द्वारा ‘कोटपा’ (COTPA) एक्ट के तहत शिक्षण संस्थाओं को तंबाकू मुक्त बनाया जा रहा है। इसके तहत
बच्चों द्वारा तंबाकू उत्पाद खरीदना और बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
शैक्षणिक संस्थाओं की 100 गज की सीमा के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण रोक है।

एक नजर में तंबाकू के घातक दुष्परिणाम-

बीड़ी, सिगरेट और हुक्का (धुआं सहित) तथा खैनी, गुटखा, पान (धुआं रहित) के सेवन से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है। यही कारण है कि आज कम उम्र में ही लोग हार्ट अटैक और स्ट्रोक (दिल का दौरा) का शिकार हो रहे हैं।
इससे मुंह का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, अनिद्रा (नींद न आना) और आगे चलकर मानसिक रोग की स्थिति निर्मित होती है।
भूख कम लगना, पेट फूलना, नियमित दस्त न होना जैसी पाचन संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं।
पुरुषों में नपुंसकता और महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ता है। गर्भवती महिलाओं में समय से पहले प्रसव, कम वजन के बच्चे का जन्म या मृत शिशु के जन्म जैसी हृदयविदारक स्थितियां पैदा होती हैं।
दांतों का रंग बदलना और मुंह से लगातार दुर्गंध आना।

उपचार से बेहतर है बचाव-

डॉ. एफ. आर. निराला ने आम जनमानस से भावुक अपील करते हुए कहा कि तंबाकू के नुकसान से बचना बेहद आसान है, बशर्ते हम इलाज की नौबत आने से पहले ही इससे दूरी बना लें। आइए, इस विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम अपने परिवार और समाज को इस जहर से मुक्त कराएंगे। याद रखें- “जिंदगी चुनें, तंबाकू नहीं।”

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