
सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का दो दिनी सारंगढ बिलाईगढ का प्रवास कई मायनों में खास रहा। ऐतिहासिक गिरिविलास पैलेस पहुंचकर उन्होंने राजपरिवार का आतिथ्य स्वीकार किया, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान राजपरिवार की गरिमा, सामाजिक सरोकारों की झलक और समकालीन राजनीति—तीनों का संतुलित संगम देखने को मिला।
मुलाकात के दौरान सारंगढ़ नरेश सुश्री पुष्पा देवी, पूर्व सांसद श्रीमती मेनका देवी, डॉ. परिवेश मिश्रा एवं राजपरिवार की एकमात्र उत्तराधिकारी राजकुमारी कुलिशा मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। विशेष तौर पर डॉ. परिवेश मिश्रा के सामाजिक व शैक्षणिक योगदान तथा कुलिशा मिश्रा की उभरती नेतृत्व क्षमता चर्चा का केंद्र बनी रही।
राजपरिवार की परंपरा के अनुरूप धार्मिक एवं सांस्कृतिक औपचारिकताएं पूरी की गईं, जो इस ऐतिहासिक विरासत की निरंतरता को दर्शाती हैं। वहीं दूसरी ओर, टीएस सिंहदेव ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद देवांगन विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े पूर्व विधायक पदमा मनहर सहित अन्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ पैलेस परिसर में नाश्ते पर सियासी चर्चा कर वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर भी संवाद किया।
यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि परंपरा, सामाजिक प्रतिबद्धता और राजनीतिक संवाद का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा, जिसमें राजपरिवार की नई पीढ़ी—खासतौर पर कुलिशा मिश्रा—की भूमिका भविष्य के संकेत देती नजर आई। सरगुजा महाराज टी एस बाबा दो दिनो के इस प्रवास मे कांग्रेस के क ई नेताओं के घर डोर टू डोर पहुंचकर नेतागण के परिवारों से मुलाकात किये।














