पत्थर खदान नीलामी के विरोध में उठ रही जन आवाज को दबाने का प्रयास बंद करे सरकार – ताराचंद देवांगन

सारंगढ़ – सारंगढ़ नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित चूना भट्ठा एवं पत्थर खदान नीलामी के विरोध में जनआक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। खैराहा, कुटेला, दुर्गापाली, खम्हारडीह, चंदाई, जुनाडीह, रापागुला, पचपेड़ी, भोजपुर, गताडीह, भैंसदेहान सुलोनी, हरीहरपुर सहित अनेक गांवों के हजारों ग्रामीणों ने बीते दिवस सारंगढ़ में विशाल रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ताराचंद देवांगन ने इस मामले में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन गांवों के लोग सदियों से यहां निवास कर रहे हैं और अब सरकार द्वारा प्रस्तावित चूना भट्ठा खोलने के नाम पर उनकी जमीन छीनने और बस्तियों को उजाड़ने की साजिश की जा रही है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
देवांगन ने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में हुए शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस नेताओं—घनश्याम मनहर, विनोद भारद्वाज, राजीव सिंह, राकेश पटेल, संजय दुबे, रमेश खूंटे, शुभम बाजपेयी सहित अन्य आंदोलनकारियों पर सारंगढ़ कोतवाली में एफआईआर दर्ज किया जाना लोकतंत्र की हत्या है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की आवाज को दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई कर रही है और आंदोलनकारियों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस पार्टी इसकी घोर निंदा करती है और हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी रहेगी।
देवांगन ने स्पष्ट कहा कि प्रस्तावित चूना फैक्ट्री और खदान से नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भारी नुकसान और समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इसलिए जनता के हित में इसका विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार चूना फैक्ट्री और खदान नीलामी की प्रक्रिया को वापस नहीं लेती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। जनता हमारे साथ है और हम हर अन्याय के खिलाफ लगातार संघर्ष करते रहेंगे।”














