
त्वचा रोगों के लिए विकसित किया नया फॉर्मूलेशन
सारंगढ़ । जिले के लिए गौरव का क्षण है। क्षेत्र के ग्राम फर्सवानी की पुत्रवधू श्रीमती लता पटेल ने फार्मेसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य करते हुए पीएचडी (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त कर ली है। उन्हें यह प्रतिष्ठित उपाधि 25 फरवरी 2026 को स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी (CSVTU), भिलाई द्वारा आयोजित ओपन डिफेंस के पश्चात प्रदान की गई। डॉ. लता पटेल का शोध विषय विशेष रूप से औषधीय गुणों से भरपूर हल्दी की दो प्रजाति -कुरकुमा अमदा अंबा हल्दी और कुरकुमा एरोमेटिका (वन हल्दी) पर केंद्रित था । उन्होंने इन प्रजातियों का तुलनात्मक ‘फार्माकोग्नोस्टिक’ एवं ‘फाइटोकेमिकल’ अध्ययन किया। अपने शोध के माध्यम से उन्होंने त्वचा संबंधी उपचार के लिए एक नवीन टॉपिकल फॉर्मूलेशन (क्रीम/लेप) विकसित किया है। यह भविष्य में हर्बल चिकित्सा और फार्मास्यूटिकल जगत में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
यह कठिन शोध कार्य जेकेसीपी (JKCP) बिलासपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसमें सह-मार्गदर्शक के रूप में एलसीआईटी एसओपी (LCIT SOP), बिलासपुर के प्राचार्य डॉ. रितेश जैन का महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग रहा। डॉ. लता पटेल ने अपनी प्रारं. शिक्षा बरमकेला से पूर्ण की । इसके बाद बी.फार्मा चौकसे कॉलेज, बिलासपुर एमएस फार्मा प्रतिष्ठित संस्थान नाइपर (NIPER) मोहाली, चंडीगढ़ से की है, वे वर्तमान में जेके कॉलेज ऑफ फार्मेसी, बिलासपुर में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं ग्रा फर्सवानी निवासी पुरुषोत्तम पटेल की पुत्रवधू व बिहारी लाल पटेल की धर्मपत्नी डॉ. लता पटेल की इस उपलब्धि पर उनके परिवार और क्षेत्रवासियों में भारी उत्साह है। उनकी बड़ी बहन और रायगढ़ की प्रसिद्ध श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. जयकुमारी चौधरी सहित समस्त परिजनों ने उन्हें इस ऐतिहासिक सफलता पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।














