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सारंगढ़ के ‘विकास पुरुष’ बने डॉ. संजय कन्नौजे..

सारंगढ़। किसी भी क्षेत्र का विकास केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर उसकी कार्ययोजना और क्रियान्वयन से दिखता है। सारंगढ़ के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने अपनी दूरदर्शिता और सक्रियता से इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है। जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को नई पहचान देने और पर्यटन मानचित्र पर सारंगढ़ को स्थापित करने की उनकी मुहिम ने उन्हें क्षेत्र में ‘विकास पुरुष’ के रूप में स्थापित कर दिया है।
हाल ही में मकरी दरहा जलप्रपात में हुए कायाकल्प ने यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व दृढ़ हो, तो दुर्गम राहें भी सुगम हो जाती हैं।

पगडंडियों से सीसी रोड तक का सफर: एक दूरदर्शी पहल

बीते मानसून के दौरान जब कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने मकरी दरहा का दौरा किया था, तब वहां तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं था। संकरी पगडंडियां और पथरीले रास्ते पर्यटकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए बड़ी बाधा थे।
त्वरित निर्णय: डॉ. कन्नौजे ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसकी कार्ययोजना तैयार की।
सटीक मॉनिटरिंग: उनके मार्गदर्शन में खनिज न्यास मद (DMF) का सही उपयोग करते हुए महज कुछ ही समय में 200 मीटर लंबी सीसी रोड का निर्माण पूर्ण करा लिया गया है।

स्वयं का निरीक्षण-

शुक्रवार को कलेक्टर स्वयं पैदल चलकर जंगल के रास्तों से होते हुए जलप्रपात पहुंचे, जो उनके काम के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
पर्यटन के साथ पर्यावरण और सुरक्षा का संगम
डॉ. कन्नौजे का दृष्टिकोण केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पर्यटन को सस्टेनेबल (स्थायी) बनाने पर जोर दे रहे हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
पॉलिथीन मुक्त क्षेत्र: प्रकृति की गोद में बसे इस स्थल को स्वच्छ रखने के लिए पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध।

सुरक्षा सर्वोपरि:
नुकीले पत्थरों से पर्यटकों को बचाने के लिए गेबियन वॉल निर्माण और रास्तों को सुरक्षित करने के निर्देश।

सुविधाओं का विस्तार: पर्यटकों के बैठने के लिए शेड निर्माण की योजना, ताकि परिवार के साथ आने वाले लोग सुकून के पल बिता सकें।

स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति-

कलेक्टर डॉ. कन्नौजे के अनुसार, पर्यटन का विकास केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के आर्थिक उत्थान का जरिया है। मकरी दरहा में बढ़ती पर्यटकों की संख्या से ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। शनिवार और रविवार को उमड़ने वाली भीड़ अब बेहतर सुविधाओं के साथ इस 50 फीट ऊंचे झरने का आनंद ले सकेगी।

टीम वर्क से बदल रही तस्वीर-

इस निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन, सीईओ राधेश्याम नायक और मनरेगा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि डॉ. कन्नौजे के नेतृत्व में पूरा प्रशासन जिले के विकास के लिए एक सूत्र में पिरोया हुआ है।
“डॉ. संजय कन्नौजे की यह कार्यशैली बताती है कि वे केवल कार्यालय में बैठकर आदेश देने वाले अधिकारी नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर विकास की इबारत लिखने वाले जननायक हैं।”

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