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पेंशनरों को मिला डिजिटल सुरक्षा का कवच..सरसीवा ग्रामीण बैंक में संवाद एवं सम्मान समारोह आयोजित..

सरसीवा।
छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक शाखा सरसीवा के तत्वावधान में बुधवार को बैंक परिसर में बुजुर्ग पेंशनर संघ के सदस्यों के लिए एक आवश्यक संवाद एवं सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुजुर्ग पेंशनरों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें विभिन्न वित्तीय सुविधाओं की विस्तृत जानकारी देना था।

कार्यक्रम के दौरान शाखा प्रबंधक एवं उपस्थित बैंक अधिकारियों ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। अधिकारियों ने बुजुर्गों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि थोड़ी सी असावधानी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।

संवाद में अधिकारियों ने एटीएम कार्ड के सुरक्षित उपयोग और पिन को गोपनीय रखने के तरीके बताए।
मोबाइल बैंकिंग और विभिन्न ऑनलाइन ऐप्स का इस्तेमाल करते समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।
अपनी निजी एवं बैंकिंग जानकारी (जैसे ओटीपी, पासवर्ड) किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की सख्त हिदायत दी।
वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से साइबर ठगी के नए-नए तरीकों को समझाते हुए उनसे बचने के व्यावहारिक उपाय भी सिखाए।

इस अवसर पर बैंक प्रबंधन द्वारा पेंशनरों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी सुविधाओं, विशेष योजनाओं और ऋण (लोन) सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों को जमा राशि (एफडी/आरडी) पर मिलने वाले अतिरिक्त ब्याज संबंधी लाभों से भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम के एक सत्र में शाखा प्रबंधक ने बैंकिंग सेवाओं को और अधिक बेहतर व सुलभ बनाने के लिए उपस्थित पेंशनरों से सीधे सुझाव आमंत्रित किए। इस पर वरिष्ठ सदस्य श्री बी.एल. चंद्राकर, श्री पांडेय, एवं श्री खटकर सहित अन्य बुजुर्गों ने अपने बहुमूल्य विचार साझा किए और बैंक की इस अनूठी पहल की खुले दिल से सराहना की।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अध्यक्ष श्री बी.एल. चंद्राकर ने बैंक द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को बुजुर्गों के हित में एक सराहनीय, उपयोगी और संवेदनशील पहल बताया। उन्होंने शाखा प्रबंधक एवं समस्त बैंक स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से वरिष्ठ नागरिकों और बैंक प्रबंधन के बीच का फासला कम होता है तथा आपसी संवाद व समन्वय को एक नई मजबूती मिलती है।

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