
सारंगढ़ । जिले के गठन के चार वर्ष पूर्ण होकर पांचवें वर्ष में प्रवेश के गौरवपूर्ण अवसर पर जिपं अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने समस्त जिले वासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ दीं । उन्होंने कहा कि – जिला गठन दिवस केवल बीते चार वर्षों की उपलब्धियों को स्मरण करने का अवसर नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में विकास की नई दिशा, नई गति तय करने का संकल्प लेने का भी दिन है।
जिपं अध्यक्ष संजय पांडेय ने कहा कि – माँ काली एवं माँ समलेश्वरी की पावन धरा सारंगढ़ अपनी समृद्ध संस्कृति, गौरव शाली परंपराओं, धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और मेहनतकश जनता के कारण अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। जिले के गठन के बाद बीते चार वर्षों में विकास के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण प्रयास हुए हैं और सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने अपनी अलग पहचान स्थापित करने की दिशा में निरंतर कदम बढ़ाए हैं। पांडे जी ने कहा कि – अब जिला पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, ऐसे में विकास की गति को और तेज करने की आवश्यकता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, सड़क, सिंचाई तथा बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जाने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
संजय भूषण पांडेय ने कहा कि – किसी भी जिले की तरक्की केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं होती । इसमें आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता मेहनत, सहयोग और एकजुटता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । उन्होंने जिलेवासियों से आह्वान किया कि – जिला गठन दिवस के अवसर पर सभी मिलकर सारंगढ़ – बिलाईगढ़ को विकास, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लें। पांडे ने कहा कि- जिले की युवाशक्ति, किसान, मजदूर, महिलाएं, व्यापारी, कर्मचारी व समाज के हर वर्ग की सहभागिता से सारंगढ़ आने वाले समय में विकास के नए मुकाम हासिल कर सकता है। संजय ने माँ नाथलदाई, माँ चंद्रहासिनी से प्रार्थना करते हुए कहा कि – जिले के प्रत्येक परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। सारंगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़े तथा जिले की जनता को बेहतर अवसर, सुविधाएं और रोजगार के साधन उपलब्ध हों। अंत में जिपं अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने जिले के गठन के चार वर्ष पूर्ण होकर पांचवें वर्ष में प्रवेश करने के अवसर पर समस्त जिले वासी को जिला गठन दिवस की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।









