
सारंगढ़ । जिले भर में हलषष्ठी कमर छठ पर्व श्रद्धा, आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया । इस अवसर पर व्रती महिलाओं ने संतान की सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करते हुए दिनभर निर्जला व्रत रखकर विधि- विधान से पूजा- अर्चना की। सुबह से ही मंदिरों और घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो गई थीं, जहां महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर भगवान श्रीकृष्ण व बलराम की पूजा कियें । पं. दिनेश शर्मा ने व्रत कथा का वाचन करते हुए हलषष्ठी पर्व के महत्व को विस्तार से बताया।उन्होंने कहा कि – यह व्रत संतान की रक्षा और परिवार की खुशहाली के लिए अत्यंत फल दायी माना जाता है। कथा श्रवण के दौरान महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया और धार्मिक वातावरण में भक्ति का रंग गहराता गया। पूजा पश्चात महिलाओं ने परंपरा अनुसार प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से कथा – श्रवण व भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। हलषष्ठी पर्व ने जिले में पारंपरिक संस्कृति व धार्मिक आस्था की एक सुंदर झलक प्रस्तुत की।









