
सारंगढ़। शिक्षक साझा मंच के आह्वान पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता, सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता, वेतन विसंगति सहित शिक्षक समस्याओं को लेकर जिले के तीनों विकासखंडों में एक साथ धरना-प्रदर्शन, रैली ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया । शिक्षकों ने ब्लॉक मुख्यालयों में रैली निकालकर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांगों के निराकरण की माँग कियें। जिलाध्यक्ष संकीर्तन नंद ने इसे आंदोलन की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि शिक्षकों ने यह संदेश दिया है कि- वे अपनी सेवा सुरक्षा, अधिकारों की लड़ाई लोक तांत्रिक तरीके से लड़ते हुए बच्चों की पढ़ाई एवं शिक्षा व्यवस्था के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी पूरी तरह निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं शिक्षक अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। 29 अगस्त को प्रस्तावित जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शिक्षकों से शामिल होने की अपील कियें। इस कार्यक्रम विभिन्न संगठनों का मिला समर्थन का. जिला. ओमप्रकाश भारद्वाज, लूकेश्वर प्रसाद साहू, जिला सचिव सूरज कुमार सारथी,संजयमिश्रा देवकी चौहान उपस्थित रहें।
22 अगस्त का आंदोलन इस बात का संकेत है कि – शिक्षक अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए संगठित होकर आगे की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। प्रदेश महामंत्री मनीष डडसेना एवं प्रदेश संयुक्त सचिव बुधनी अजय ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षकों का आंदोलन किसी व्यवस्था को बाधित करने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को न्यायपूर्ण बनाने और शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। प्रदेश के 146 विकासखंडों में एक साथ हुए कार्यक्रम को उन्होंने शिक्षक एकता और संगठनात्मक शक्ति का व्यापक प्रदर्शन बताया। ब्लॉक अध्यक्ष सतीश चौहान, सरयूकांत बंजारे एवं पवन पटेल ने शासन से मांग की कि शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि प्रदेश के हजारों शिक्षकों एवं उनके परिवारों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता समाप्त हो सके।
शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया है कि सेवासुरक्षा वरिष्ठता TET एवं शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान तक संघर्ष लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।









