4 दिन की जंग के बाद कामयाबी: पंजाब की गोताखोर टीम ने किया कमाल, हाथों में हाथ थामे मिली जिंदगी की आखरी कहानी

सारंगढ़- लात नाला हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। रविवार शाम एक कार अनियंत्रित होकर उफनते नाले में जा गिरी और तेज बहाव में करीब डेढ़ किलोमीटर तक बह गई। कार में घोठला के पूर्व सरपंच देवनारायण पटेल अपनी पत्नी सविता के साथ सवार थे। हादसे के बाद से ही NDRF, SDRF और DDRF की टीमें लगातार तीन दिनों तक सर्च ऑपरेशन में जुटी रहीं, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। मंगलवार देर रात पंजाब से पहुंची निजी गोताखोरों की टीम ने बुधवार सुबह 9 बजे रेस्क्यू शुरू किया। महज कुछ ही समय में टीम ने वाहन को डिटेक्ट कर लिया। इसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से रस्सियों के सहारे कार को बाहर निकाला गया। जब कार बाहर निकली, तो दृश्य बेहद मार्मिक था। पति-पत्नी पीछे की सीट पर एक-दूसरे का हाथ थामे हुए मिले, मानो आखिरी सांस तक साथ निभाने का वादा निभा रहे हों।यह देख रेस्क्यू टीम भी भावुक हो उठी। 37 वर्षों से कार्यरत इस टीम ने बताया कि उन्होंने पहली बार ऐसा दृश्य देखा। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों ने पंजाब की टीम का आभार जताया। यह घटना जहां दर्दनाक है, वहीं इंसानी रिश्तों की गहराई को भी बयां कर गई।














