छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

PM-RAHAT योजना बनी सड़क हादसा पीड़ितों के लिए संजीवनी…

सारंगढ़। सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा यानी ‘गोल्डन आवर’ किसी भी घायल व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी अमूल्य समय में त्वरित उपचार उपलब्ध कराकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव ने अपनी संवेदनशील कार्यशैली और प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी सक्रियता और स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी के चलते सड़क दुर्घटना के एक पीड़ित को PM-RAHAT (कैशलेस उपचार योजना) के तहत मात्र 24 घंटे के भीतर स्वीकृति दिलाकर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के कुशल मार्गदर्शन में जिले में PM-RAHAT योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। हाल ही में हुई सड़क दुर्घटना के मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय और CMHO डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव के बीच शानदार समन्वय देखने को मिला। दोनों विभागों की तत्परता के कारण घायल को समय पर योजना का लाभ मिला और इलाज में किसी प्रकार की आर्थिक बाधा नहीं आई।
डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने पूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया। आयुष्मान भारत योजना के जिला समन्वयक रोशन सचदेव ने भी विभागीय स्तर पर सभी आवश्यक औपचारिकताओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराकर मरीज को शीघ्र उपचार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
PM-RAHAT योजना की प्रमुख विशेषताएं
सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ₹1.5 लाख तक कैशलेस उपचार।
दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर में तत्काल इलाज पर विशेष जोर।
दुर्घटना के बाद अधिकतम 7 दिनों तक उपचार का कवरेज।
सरकारी एवं अनुबंधित निजी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की सुविधा।
eDAR और TMS 2.0 पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी संचालन।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में तुरंत 112 पर सूचना दें और घायल को बिना देरी नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। गुड समैरिटन (नेक व्यक्ति) कानून के तहत मदद करने वाले व्यक्ति से अनावश्यक पुलिस पूछताछ नहीं की जाती, इसलिए निडर होकर मानवता का परिचय दें।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में PM-RAHAT योजना का यह सफल क्रियान्वयन न केवल सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि CMHO डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव की दूरदर्शिता, त्वरित निर्णय क्षमता और संवेदनशील नेतृत्व से स्वास्थ्य सेवाएं आम नागरिकों के लिए और अधिक भरोसेमंद बन रही हैं। उनकी सक्रिय कार्यशैली जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान कर रही है।

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