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कपरतुँगा क्षेत्र में नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने की उठी मांग

सारंगढ़ । क्षेत्र के अन्नदाताओं ने अपनी समस्याओं को लेकर अब सीधे प्रशासन का दरवाजा खट खटाया है। सेवा सहकारी समिति मर्यादित कपरतुँगा पंजी करण क्रमांक 1556 के अंतर्गत आने वाले 21 गांवों के किसानों ने एक जुट होकर जिले के कलेक्टर महोदय को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों की पुरजोर मांग है कि कपरतुँगा क्षेत्र में बढ़ती भीड़ और असुविधा को देखते हुए तत्काल एक नवीन धान उपार्जन केंद्र खोला जाए।किसानों द्वारा सौंपे गए आवेदन पत्र में साफ तौर पर इस बात का उल्लेख है कि समिति के अंतर्गत कुल 21 गांव आते हैं, जहां 1225 किसान पंजीकृत हैं। इन किसानों का कुल रकबा 1633.083 हेक्टेयर है। वर्ष 25-26 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस अकेले केंद्रमें समर्थन मूल्य पर 80289.60 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इतने बड़े पैमाने पर धान की आवक होने के बावजूद यहां सिर्फ एक ही उपार्जन केंद्र संचालित है।

ज्ञापन में किसानों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा है कि मात्र एक केंद्र होने की वजह से किसानों को धान बेचने के लिए लंबी कतारों और भारी मानसिक व शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही केंद्र पर जगह की भारी कमी है, जिसके कारण सुचारू रूप से धान की खरीदी नहीं हो पाती और काम में लगातार रुकावट आती है। किसानों का कहना है कि – उनकी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए समिति कपरतुँगा क्षेत्र में एक नवीन उपार्जन केंद्र खोलना अब बेहद आवश्यक हो चुका है। अपनी इस जायज मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों में भारी एकजुटता देखने को मिली है। आवेदन पत्र में आवेदक कृषक गणों के रूप में सरपंच ग्राम पंचायत पार्वती सम्पत पटेल, निरंजन पटेल, सरपंच रत्ना पटेल, रोहित, जयराम पटेल, खुशीराम निषाद, भारत पटेल, रामशरण, दुर्योधन, महेशराम पटेल, सुरेश सिंह, भुवनाराम पटेल, भोगनाथ, सियाराम चौहान समेत दर्जनों जागरूक किसानों ने हस्ताक्षर कर प्रशासन से अविलंब राहत देने की अपील की है। अब देखना यह होगा कि -जिला प्रशासन अन्न दाताओं की इस जायज और बेहद जरूरी मांग पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और नए केंद्र की सौगात देता है।

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