
*धान का बीज भी नदारत*
सारंगढ़ । जिपं सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बिनोद भारद्वाज ने कहा कि – छग का किसान आज खेत में कम व सरकारी पोर्टल, पंजीयन व टोकन के चक्कर में ज्यादा उलझ गया है। जिस किसान के हाथ में खाद की बोरी होनी चाहिए, उसके हाथ में आज आवेदन, पंजीयन और टोकन की पर्ची थमा दी गई है। उन्होंने भाजपा की तथाकथित डबल इंजन सरकार पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाया ।
बिनोद भारद्वाज ने कहा कि- खाद लेने के लिए नया पंजीयन व टोकन सिस्टम लागू कर सरकार ने किसानों के सामने कृत्रिम संकट खड़ा कर दिया है । गांव – गांव में किसान सुबह से लाइन में खड़े हैं । कोई सर्वर डाउन की समस्या से परेशान है, तो कोई टोकन खत्म होने से मायूस लौट रहा है । बुजुर्ग किसान दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, वहीं छोटे किसान बिचौलियों के भरोसे रहने पर विवश हो रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि -जब किसान बुवाई के समय खाद के लिए भटकेगा तो उत्पादन कैसे बढ़ेगा । कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकार जानबूझकर खाद की उपलब्धता सीमित कर रही है और किसानों को आर्थिक संकट में धकेल रही है। आगे कहा कि – किसान देश का अन्नदाता है, लेकिन आज वही किसान खाद और बीज जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए परेशान हो रहा है। बिनोद भारद्वाज ने राज्य सरकार से मांग की कि – खाद वितरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, किसानों को बिना परेशानी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए तथा टोकन और पंजीयन व्यवस्था में सुधार कर तत्काल राहत दी जाए।
अभी मई महीना चल रहा है क्षेत्र के किसा सहकारी विपणन समिति से मई माह में ही धान बीजहा ले आते थे। लेकिन सारंगढ के सहकारी समितियो में अभी तक धान बीजहा उपलब्थ नही हो पाया है।किसान धान बीजहा का भी राह ताक रहे हैं।














