छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

बंजर भूमि को पुष्प वाटिका बनाने वाली शिक्षिका मणिप्रभा त्रिपाठी सेवानिवृत्त

सारंगढ़। कहते हैं शिक्षक केवल अक्षर ज्ञान नहीं देता, बल्कि वह एक माली की तरह संस्थान को सींचता है। इसकी जीवंत मिसाल पेश करने वाली माध्यमिक शाला सहसपुर की उच्च वर्ग शिक्षिका श्रीमती मणिप्रभा त्रिपाठी 30 वर्षों के यशस्वी शासकीय सेवाकाल के बाद सेवानिवृत्त हुईं। उनके सम्मान में शालेय परिवार, शाला प्रबंधन समिति और समस्त ग्रामवासियों द्वारा एक भव्य एवं भाव पूर्ण अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। पलक पाँवड़े बिछाकर किया गया स्वागत
श्रीमती त्रिपाठी के प्रति सम्मान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विदाई के दिन शालेय परिवार उन्हें ससम्मान उनके घर से कार द्वारा विद्यालय प्रांगण लेकर आया । समारोह में प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्रीमती विजय लक्ष्मी गोपाल ने भावुक होते हुए कहा, मैडम ने इस विद्यालय को त्याग और समर्पण से संवारा है । उनके 16 वर्षों के सानिध्य में जो मैंने सीखा, वह जीवन भर काम आएगा। स्कूल का कोना – कोना उनकी कमी महसूस करेगा।
कार्यक्रम के अंत में समस्त शालेय परिवार और गणमान्य नागरिकों ने उनके स्वस्थ और सुखी दीर्घायु जीवन की कामना की। विदाई समारोह में पार्षद, ग्राम के गणमान्य नागरिक, समस्त शिक्षक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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