छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

सारंगढ़ कलेक्टरेट में 11 सूत्रीय मांगों को लेकर “जंगी प्रदर्शन” मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन ….

सारंगढ़ । नवरात्रि के पूर्व सुबह छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के समस्त विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सारंगढ़ कलेक्टरेट में एकत्रित होकर ऐतिहासिक “जंगी प्रदर्शन” किया।
यह प्रदर्शन कर्मचारियों की एकजुटता और अपने अधिकारों के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रतीक रहा।
प्रदर्शन के उपरांत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारी एवं शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सरकार का ध्यान कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित किया और शीघ्र समाधान की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा कराने हेतु किया जा रहा है।
प्रमुख मांगें इस प्रकार रही जिसमें
जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता (DA) एरियर्स को GPF खाते में समायोजित किया जाए।
केंद्र के समान वेतनमान लागू कर वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाए।
पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।
संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
नई पेंशन योजना (NPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए।
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ प्रदान किया जाए।
सहायक शिक्षकों एवं अन्य संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर की जाएं।
पंचायत सचिवों का शासकीयकरण एवं नियमित वेतनमान सुनिश्चित किया जाए।
अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया जाए।
सभी लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए। इन सभी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया ।
प्रमुख रूप से उपस्थित पदाधिकारी उपस्थित रहे
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में फकीरा यादव (जिला संयोजक), लैलून भारद्वाज (जिला संरक्षक),प्रदेश संयुक्त सचिव लोकेन्द्र नाथ पटेल (जिला कोषाध्यक्ष) सहित योगेश्वर चंद्रा, बलभद्र पटेल, प्रमोद महेश, विमल अजंगले, रवि शंकर तिवारी, नंदकुमार बंजारे, दीपेश जायसवाल, भूपेंद्र मनहर, थानेश्वर चंद्रा, अनिल चौहान, सुरेश टंडन, शत्रुघ्न जायसवाल, विनोद महेश, बृजभूषण पटेल, सुंदर जाटवर, सुभाष चंद्र पटेल, नर्सिंग श्रीवास, मुरलीधर पटेल, मनोहर जगत, महेंद्र सिदार, गजेंद्र चौहान, कामिनी डनसेना, नरेंद्र, उमाशंकर, महगू दास भारद्वाज, अरुण लक्ष्मे, संदीप मिंज, राघवेन्द्र जलतारे, हुतेन्द्र साहू, सोनिया सारथी, ममता साहू, अनीता किरण, आरती शुक्ला, नीकु आनंद, उषा बंजारे, शुरति चौबे, दीवान मैडम, साहू मैडम, कौशल राठिया, पुरुषोत्तम सर, सतीश चौहान, ज्योति राज पंडा, राकेश पटेल, रामदयाल पांडे सहित हजारों की संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा
कर्मचारियों की यह एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और अपने अधिकारों की प्राप्ति तक यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

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