छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

बेद कला संगीत महोत्सव रायगढ़ में माँ वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के छात्र, छात्राओं द्वारा शानदार प्रस्तुति ….

सारंगढ़ । श्री लक्ष्मण संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य गुरुजी स्वर्गीय बेदमणि सिंह ठाकुर के जन्म दिवस पर वेद कला महोत्सव का आयोजन पॉलिटेक्निक कॉलेज ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित करने का श्रेय वर्तमान में श्री लक्ष्मण संगीत महाविद्यालय के संचालिका श्रीमती गीता सिंह ठाकुर एवं शांतनु पटेल को है।जिन्होंने अथक परिश्रम कर गुरुजी के समस्त शिष्यों को सूचित किए जिसमें खैरागढ़ से पंडित सुरेश दुबे ,श्री मनहरन सिंह ठाकुर, जगदीश मेहर , वरिष्ठ एवं ख्याति प्राप्त कलाकार ,बिलासपुर से विस्वा वेद संगीत विद्यालय की संचालिका श्रीमती मीना रमन मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय रानी सागर सारंगढ़ के प्राचार्य लीलाधर वैष्णव, चक्रधर संगीत महा विद्यालय के प्राचार्य श्रीमती कुमारी चंद्र देवांगन, एवं देवलाल देवांगन ,श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य श्री शरद वैष्णव ,एवं अंतर्राष्ट्रीय कथक नृत्य के पुरोधा बसंती वैष्णव ,एवं गुरुजी के अनेकों शिष्य शिष्यों ने आकर गुरुजी के रचनाओं में क्लासिकल गायन, गीत ,गजल, भजन , कथक नृत्य आदि की प्रस्तुति बहुत ही शानदार दिए।
(1)सर्वप्रथम मां वैष्णवी संगीत विद्यालय के प्राचार्य एल डी वैष्णव द्वारा सरस्वती वंदना जो गुरुजी की रचना है। राग धानी पर मां वीणा
झंकाओ से प्रारंभ हुआ । दूसरी प्रस्तुति कथक नृत्य यामी वैष्णव के द्वारा सर्वप्रथम भगवान विष्णु के स्रोत से प्रारंभ कर उठान,आमद,तोड़ा,एवं अंत में भगवान श्री कृष्ण के बाल लीला का वात्सल्य वर्णन भजन राग दरबारी पर समापन किया। तीसरी प्रस्तुति गायन में सर्वप्रथम उत्तम बरेठ राग तिलंग में ,ले चल गोकुल गांव तीन ताल में मिनिबद्ध चौथी प्रस्तुति कुंज बिहारी गहरे ,राग खमाज में भजन, राम नाम जप ले जीव ,पांचवी प्रस्तुति सुयश तिवारी राग बिहाग़ में ,तुम हो कहां श्याम ,ढूंढत मैं बन बन एवं छठवीं प्रस्तुति के रूप में जसपाल रत्नाकर ने एक सुमधुर गीत की प्रस्तुति दी जिसकी बोल है,पास बैठी रहो गीत गाता रहूं, वक्त ऐसे टले कुछ पता ना चले।
इस प्रकार से 13 मार्च 2026 दिन के 10:00 बजे से प्रथम सत्र में उद्घाटन ,मुख्य अतिथि पद्म श्री पंडित रामलाल बरेठ जी का स्वागत ,द्वितीय सत्र में काव्य पाठ एवं रंग कर्म और तृतीय सत्र में शाम 6:00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम में शास्त्री गायन शास्त्रीय कथक नृत्य ,गीत ,गजल ,भजन, जो गुरु वेदमणि सिंह ठाकुर जी के रचनाओं से देर रात्रि बेदम स्वरूप सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन हुआ ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button