*राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने ग्राम सोडिका में काम के गारंटी की दिये जानकारी*

सारंगढ़। जिले के सारंगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्रापं खर्री छोटे के आश्रित ग्राम सोडिका में संचालित मनरेगा कार्यों के दौरान श्रमिकों के बीच एक महत्व पूर्ण जन-जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला पदाधिकारियों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर मजदूरों से सीधा संवाद किया और योजना के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की । संगठन जिलाध्यक्ष नागेश्वर महंत के नेतृत्व में जिला उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार डहरे, जिला महामंत्री उमाशंकर साहू, सारंगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष श्रवण थूरिया सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सोडिका में चल रहे मनरेगा कार्यों का निरीक्षण किया । इस दौरान पदाधिकारियों ने कड़ी धूप में काम कर रहे मजदूरों का हौसला बढ़ाया और उनके अधिकारों पर चर्चा की ।संवाद के दौरान जिलाध्यक्ष नागेश्वर महंत ने आरोप लगाया कि – वर्तमान केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार मनरेगा योजना के स्वरूप को बदलने का प्रयास कर रही है ।
उन्होंने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी नाम से जुड़ी यह ऐतिहासिक योजना मजदूरों को काम की कानूनी गारंटी देती , लेकिन वर्तमान नीतियों के कारण योजना से गांधी जी का नाम विलोपित करने और इसके मूल ढांचे को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इससे आने वाले समय में मजदूरों के काम की गारंटी खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। संगठन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि – कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर योजना को मजदूरों के हित में पूर्ववत लागू रखने की मांग कर रही है । उमाशंकर साहू , श्रवण थूरिया ने मजदूरों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और गांव-गांव में अन्य श्रमिकों को भी इस योजना के महत्व और मौजूदा चुनौतियों के बारे में जागरूक करें। कार्यकर्ताओं ने श्रमिकों को बताया कि – मनरेगा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। संगठन ने संकल्प दोहराया कि – वे मजदूरों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेंगे ताकि किसी भी गरीब परिवार का रोजगार न छिने ।














