
सारंगढ़ । छग की पारंपरिक तीजत्यौहार के साथ कार्तिक पुन्नी का विशेष महत्व है पूरे कार्तिक माह तक भोर में लोग स्नान कर भगवान शिव की पूजा अर्चना करते हैं ।कार्तिक पूर्णिमा की कई मान्यताएं हैं । कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी, घाटों और तुलसी व पीपल के पौधे के सामने दीपदान किया जाता है । मान्यता है कि – इस दिन दीपदान करने से जीवन का अंधकार दूर होता है और सुख-समृद्धि व शांति का घर में आगमन होता है । कार्तिक पुन्नी के दिन तालाबों ,नदियों में स्नान करने की परम्परा रही है । लोगों की आस्था पुन्नी से जुड़ी है । इस दिन लोग दान पुण्य के साथ लोगों को भोजन भी कराते हैं । शहर से गांव तक कार्तिक पूर्णिमा पर्व मनाया गया । सारंगढ़ , कोसीर , कुम्हारी जैसे अनेक जगहों में लोगों ने दीपदान कर कार्तिक पुन्नी मनाएं । कोसीर के जीवन दायिनी तालाब में दीपदान कर पूजा अर्चना करते हुए भक्तों को देखा गया ।














