निस्तारी को मजबूर वार्डवासी — गंदगी और ठहरे पानी से फैल रही बीमारियाँ, हाथीपांव और कुष्ठ के मामले बढ़े!

सारंगढ़-बिलाईगढ़। नगर के वार्ड क्रमांक 14 पैलपारा सहित कई इलाकों में निस्तारी की समस्या अब स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी है। नालियों और तालाबों में ठहरा गंदा पानी, दुर्गंध और मच्छरों के प्रकोप ने आमजन का जीवन बेहाल कर दिया है।वार्डवासी निस्तारी के अभाव में गंदे पानी के बीच रहने को मजबूर हैं। यही कारण है कि नगर में हाथीपांव (फाइलेरियासिस) और कुष्ठ जैसी गंभीर बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र इन बीमारियों की दर में प्रदेश ही नहीं, देश के औसत आंकड़ों से भी ऊपर जा चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों में है, जबकि धरातल पर हालात बद से बदतर हैं। जगह-जगह गंदगी, बंद नालियाँ और तालाबों में ठहरा पानी संक्रमण को न्योता दे रहा है। लोगों ने नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि, हर गली में गंदगी, हर घर में बीमारी फिर भी प्रशासन खामोश क्यों?अगर अब भी सफाई और निस्तारी की व्यवस्था नहीं सुधरी, तो नगर किसी बड़े स्वास्थ्य संकट की चपेट में आ सकता है।














