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*चक्रधर समारोह में शार्वी केशरवानी ने कत्थक में प्रस्तुत की अर्धांग व शिव पंचाक्षर*

सारंगढ़ । सुर, ताल, छन्द व घुंघरू के 39 वें बरस के चक्रधर समारोह में शार्वी केशरवानी ने मनमोहक प्रस्तुति दी । उनके इस मन मोहक प्रस्तुति से पूरा चक्रधर समारोह स्थल ॐ नमः शिवाय मंत्र से गूँज उठा। प्रतिष्ठित चक्रधर समारोह 2024 में सुश्री शार्वी केशरवानी ने आदिगुरु शंकराचार्य द्वारा रचित शिव पंचाक्षर स्त्रोत से अपने नृत्य का प्रारंभ किया। इस नृत्य में उनके द्वारा ॐ नमः शिवाय के साथ पंचतत्व पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश का प्रतिनिधित्व करते मन को छू जाने वाला नृत्य प्रस्तुत की । इसके साथ ही उन्होंने स्व. पंडित बिरजू महाराज द्वारा रचित अर्धांग जो कि – एक ओर शिव के तांडव रूप और दूसरी ओर माता पार्वती के लास्य रूप को दर्शाता है की प्रस्तुति के साथ कुछ तोड़े, परन, कवित्त के बाद कुछ लयकारियों के साथ बहुत ही आकर्षक ओजस्वी नृत्य की प्रस्तुति दी ।

विदित हो कि – मंचस्थ दर्शकों ने उनका उत्साहवर्धन तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया । मोना ग्रुप के फाउंडर द्वय श्रीमती तोषी रीतेश की बिटिया तेरह वर्षीय कत्थक साधिका शार्वी केशरवानी मोना मॉडर्न इंग्लिश मीडियम स्कूल सारंगढ़ की कक्षा आठवीं की छात्रा है । नृत्य की प्रारंभिक शिक्षा अपनी माता श्रीमती तोषी गुप्ता से प्रारंभ की और वर्तमान में श्रीराम संगीत महाविद्यालय , रायपुर में गुरु डॉ. राजश्री नामदेव जी के सानिध्य में नृत्यकी बारीकियाँ सीख रही है। कई राज्यीय, राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुतियां देते हुए अनेक उपाधियाँ और उप्लब्धियाँ 2019 से अब तक लगातार अर्जित करते आ रही है । शार्वी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर दुबई एवं थाईलैंड सहित राष्ट्रीय स्तर पर उज्जैन, बैंगलोर, उदयपुर, गोवा, जबलपुर, रायपुर, भिलाई, बिलासपुर, मथुरा, हरिद्वार आदि जगहों पर अब तक लगभग 50 से अधिक मंचों पर अपनी कत्थक की प्रस्तुतियाँ देकर अनुभव अर्जित कर चुकी है ।

ज्ञातव्य हो कि – सुश्री शार्वी को 2019 में बैंगलोर में नृत्य ओजस्वी अवार्ड, थाईलैंड में स्वर्ण अवार्ड, 2020 में नृत्य साधिका सम्मान, 2021 में कला साधिका सम्मान, 20 22 में बाल नृत्यकला श्रेष्ठ अवार्ड, 2022 में दुबई में प्रस्तुति के लिए अन्तर्राष्ट्रीय छात्रवृत्ति तथा दुबई में कत्थक में प्रथम, 2023 में हरिद्वार में उदितमान सम्मान, के साथ ही साथ कला अभ्युदिता सम्मान प्राप्त किया है। पुनः 2023 में बालनृत्य कला श्रेठ अवार्ड तथा चक्रधर समारोह 2023 में तत्पश्चात शार्वी को 2024 में अखंड नूपुर नाद, राष्ट्रीय कला वैभव सम्मान, प्रणवम शिखामणि अवार्ड प्राप्त हुए हैं। चक्रधर समारोह जैसे राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति से गौरवान्वित सुश्री शार्वी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने गुरु तथा अपने माता – पिता को दिया है।

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