
सरिया/भीखमपुरा।
मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण एवं जन चौपाल कार्यक्रम को लेकर सरिया क्षेत्र के भीखमपुरा गांव में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता जुटे रहे। लेकिन कार्यक्रम में लगातार हो रही देरी और बदइंतजामी ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों से इंतजार कर रहे आम लोगों के लिए कार्यक्रम स्थल पर न तो पर्याप्त छाया की व्यवस्था दिखाई दी और न ही भोजन-नाश्ते की कोई समुचित सुविधा की गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जहां एक ओर दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीण सुबह से भूखे-प्यासे मुख्यमंत्री के आगमन की प्रतीक्षा करते रहे, वहीं दूसरी ओर कुछ जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता अपने-अपने स्तर पर नाश्ते का इंतजाम कर कार्यक्रम स्थल पर ही जलपान करते नजर आए। इस दौरान आम जनता केवल उन्हें देखती रही और अपनी बारी का इंतजार करती रही। नेताओं और आम जनता के बीच का यह भेदभाव कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
ग्रामीणों ने इस अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब जन चौपाल जनता की समस्याएं सुनने के लिए ही आयोजित की जाती है, तब सबसे पहले जनता की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। तपती धूप में घंटों बैठे बुजुर्ग, महिलाएं और युवा पसीने से तरबतर होते रहे, लेकिन उनके लिए पर्याप्त पंखे, पेयजल और नाश्ते की व्यवस्था नहीं दिखी।
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि वीआईपी आयोजनों में आम नागरिकों की सुविधाओं को इस तरह नजरअंदाज किया जाएगा, तो जन चौपाल का मूल उद्देश्य ही सवालों के घेरे में आ जाएगा। नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए अलग से इंतजाम होना और आम जनता का भूखे-प्यासे तड़पना बिल्कुल भी उचित नहीं है। कुल मिलाकर, तपती धूप और लंबे इंतजार के बीच भीखमपुरा की जन चौपाल में जनता के सब्र की परीक्षा होती रही, जबकि जिम्मेदार लोग केवल अपने इंतजामों में ही व्यस्त नजर आए।














