छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

*ग्रीष्मकालीन धान के बदले मिलेट्स की खेती का कलेक्टर डॉ कन्नौजे ने किया निरीक्षण*

*कलेक्टर ने मिलेट्स की रकबा बढ़ाने और उत्पाद के लिए बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए*

*कलेक्टर ने अमेठी, बेलटिकरी और परसाडीह का किया दौरा*

सारंगढ़ बिलाईगढ़ 30 अप्रैल 2026/
कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने सारंगढ़ ब्लॉक के अमेठी, बेलटिकरी और परसाडीह का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उद्यान रोपणी अमेठी में आम बगीचा, कृषि प्रक्षेत्र बेलटिकरी में हरित शैवाल की खेती का और ग्राम परसाडीह में रागी एवं ज्वार की खेती का अवलोकन किया और खेती को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियो को निर्देशित किया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत लघु धान्य (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने एवं ग्रीष्मकालीन कालीन धान के बदले अन्य फसल परिवर्तन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम परसाडीह में सरसों, गेंहू, ज्वार एवं रागी मिलेट्स की खेती की गई है | राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत जिले को 400 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त है। कृषक श्याम कुमार पटेल, सीताराम पटेल के द्वारा धान के स्थान पर लगभग 30 एकड़ में रागी एवं ज्वार की खेती की गई है। विगत वर्ष 2024-25 में ग्राम परसाडीह में 15 एकड़ में धान की खेती की गई थी, जिसे इस वर्ष अन्य फसल के रूप परिवर्तित करते हुए सरसों, गेंहूँ, रागी एवं ज्वार की खेती की गई है।

इस दौरान कलेक्टर ने मिलेट्स की रकबा बढ़ाने निर्देशित किया और कहा कि किसानों के उत्पादों को विक्रय के लिए बाज़ार से जोड़े, ताकि किसानों को अच्छा लाभ मिल सके साथ ही जिले में ग्रीष्मकालीन कालीन धान के रकबे को कम किया जा सके। मिलेट्स की खेती में कम पानी, कम उर्वरक की आवश्यकता होती है तथा इसमें रोग एवं कीट का प्रकोप भी नही होता, जिससे फसल लागत में कमी आती है और आय अधिक मिलता है। पौष्टिकता की दृष्टिकोण से देखे तो मिलेट्स से स्वास्थ्य में भी लाभ मिलता है। कृषि विभाग के अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव, उद्यानिकी अधिकारी आकांक्षा उपाध्यय उपस्थित थीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button