*आस्था की आड़ में अभ्यारण्य पर कब्जा*गोमर्डा अभ्यारण्य में अवैध झोपड़ी को वन विभाग ने किया नेस्तनाबूत*

सारंगढ़ । प्रकृति और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए आरक्षित गोमर्डा अभयारण्य की ज़मीन पर आस्था का चोला ओढ़कर कब्जा करने की एक बड़ी साजिश को वन विभाग ने नाकाम कर दिया है । वन परिक्षेत्र बटाऊपाली परिसर के भीतर अवैध रूप से झोपड़ी और झाला बनाकर सरकारी ज़मीन को हथियाने की कोशिश कर रहे अतिक्रमण कारी पर विभाग ने सख्त कार्यवाही करते हुए मौके से सारा तामझाम जब्त कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी चेतन वल्द बोधराम चौहान निवासी खैरझिटी ने गोमर्डा अभ्यारण्य के कक्ष क्रमांक 931 PF में घुसपैठ की थी। आरोपी ने धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए जंगल के भीतर न केवल अवैध निर्माण किया, बल्कि वहाँ स्थायी रूप से बसने की तैयारी में था । 17 मार्च 26 को वन विभाग की टीम ने दबिश देकर इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
कार्यवाही के दौरान विभाग ने मौके से बड़ी मात्रा में निर्माण और घरेलू उपयोग की सामग्री बरामद की है, जो इस बात का प्रमाण है कि – कब्जा सुनियोजित था । मौके पर मौजूद वन अमले ने बताया कि – अभ्यारण्य की सुरक्षा और वन्यजीवों के आवास के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी । अक्सर लोग धार्मिक प्रतीकों या आस्था का सहारा लेकर जंगलों पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन विभाग अब ऐसी गति विधियों पर पैनी नज़र रख रहा है। आरोपी के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएगी । अभ्यारण्य के भीतर इस तरह की साहसी कार्यवाही से क्षेत्र के भू-माफियाओं व अतिक्रमण कारियों में हड़कंप मच गया है। प्रत्यक्ष दर्शियों द्वारा खींची गई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि – अतिक्रमण कारी असंसदीय शब्दों का प्रयोग वन अम्ला के साथ कर रहा था लेकिन वन अम्ला प्रतिउत्तर ना देते हुए अपने काम में लगे हुए थे । गोमर्दा अभ्यारण में सदियों से चली आरही अतिक्रमण की प्रवृत्ति चरम पर है जिसके परिणाम स्वरूप आए दिन वनकर्मियो और स्थानीय लोगो में विवाद बना रहता है ।














