
बिलाईगढ। प्रमुख रामायणी श्याम सुंदर पटेल ने श्रीराम कथा का रसपान कराते हुए कहा कि रामकथा किसी भी समय सुनना व सुनाना सौभाग्य की बात है, लेकिन श्रावण माह में रामकथा का श्रवण और आयोजन करने वाले सौभाग्य शाली होते हैं। उन्होंने कहा कि श्रावण शिव की आराधना का विशेष माह है व इस दौरान राम कथा सुनने से भगवान शंकर अत्यंत प्रसन्न होते हैं, क्योंकि राम कथा के रचयिता शंकर हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि- श्रावण माह प्रत्येक सोमवार को यथासंभव रामकथा का श्रवण करें, दूसरों को भी सुनाएं तथा यदि संभव हो तो कथा का आयोजन भी कराएं। अपने प्रवचन में भाई श्याम सुंदर पटेल ने कहा कि -शिव तीनों लोक और चौदहों भुवनों के सबसे बड़े देवता हैं। देव, दानव और मानव सभी उनकी आराधना करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत के लगभग प्रत्येक गांव, नगर और शहर में भगवान शिव का मंदिर या शिवलिंग अवश्य मिलता है, जो उनकी व्यापक लोकआस्था का प्रमाण है । इस
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रवीण सोनी, अन्नपूर्णा सोनी, पलटन सोनी, खगेश्वरी सोनी, चेतूराम राकेश, सियाराम कहार एवं मंगलूराम राकेश का विशेष योगदान रहा।














